केदारनाथ आपदा के चार साल : आज भी हजारों लापता, नरकंकाल मिलने का सिलसिला जारी

केदारनाथ आपदा को चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी आसपास के इलाकों में नर कंकाल मिलने का सिलसिला जारी है. लापता हुए लोगों को आज तक नहीं खोजा जा सका है. पिछले एक साल में कई नरकंकाल मिलने से आपदा के बाद चलाए गए राहत एवं बचाव कार्य पर सवाल उठ रहे हैं.

16 व 17 जून 2013 को केदारनाथ आपदा के बाद सरकार ने लापता हुए लोगों की खोज शुरू की थी. देश के विभिन्न राज्यों के लोग आज भी अपनों को खोजने के लिए केदारघाटी के चक्कर लगाते रहते हैं. 4 हजार से ज्यादा लोग आज भी लापता हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ 653 नर कंकाल को ही खोजा जा सका है, वो भी पिछले चार सालों में. आज भी नरकंकाल मिलने का सिलसिला जारी है और यह सरकार के सर्च अभियान की पोल भी खोलता है.

आपदा के समय अधिकांश लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई. इससे भी कई अधिक संख्या उनकी थी जो अपनी जान बचाने के लिए केदारनाथ की विभिन्न पहाड़ियों पर चढ़ गए थे. उन्होंने विभिन्न रास्तों से बचने की कोशिश की. इनमें से अधिकांश को तो सफलता मिल गई, लेकिन कई बीच रास्ते में ही फंस गए. कई लोग जान बचाने के लिए गुफाआं में गए और वहीं मर गए. केदारनाथ की विषम भौगोलिक परिस्थितियो में वहां के पैदल रास्तों से आना काफी कठिन था. ठंड, भूख और थकावट के चलते ज्यादातर लोग रास्तों में ही मर गए.

पुलिस लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर लापता लोगों की समय-समय पर जांच करती रहती है. इसी कड़ी मे गत मई महीने में 13 से 15 तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में सात लोगों के कंकाल केदारनाथ मंदिर से तीन सौ मीटर दूरी पर भैरवनाथ मंदिर के पास मिल थे. अब तक 653 नर कंकाल को खोजा जा चुका है. वहीं, सरकारी हिसाब से अभी 4200 लोग लापता चल रहे हैं.

आपदा पर एक नजर

  • केदारनाथ आपदा में 40 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए थे.
  • 4700 लोग लापता हुए
  • 653 लोगों के नरकंकाल मिले
  • आपदा में 110 गांव हुए थे प्रभावित