देहरादून : उत्तराखण्ड का एक और लाल मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद

देहरादून, सात जून को जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में आतंकी मुठभेड़ में दून के सपूत नायक जीत बहादुर सिंह थापा घायल हुए थे. दिल्ली स्थित राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के अस्तपाल में उनका उपचार चल रहा था. रविवार शाम सवा सात बजे उनकी मौत हो गयी. शहीद के पार्थिव शरीर को सोमवार शाम दून लाकर गढ़ी कैंट स्थित मिलिट्री अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है.

 

यहां से पार्थिव शरीर को मंगलवार सुबह अंतिम दर्शन के लिए उनके बंजारावाला स्थित आवास पर लाया जाएगा. इसके बाद शहीद जीत बहादुर सिंह थापा का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ हरिद्वार में किया जाएगा.

 

37 वर्ष के शहीद जीत बहादुर सिंह थापा 4/1 गोरखा राइफल्स में कुपवाड़ा जिले के नोगाम सेक्टर में तैनात थे. सात जून शाम के समय सेक्टर में हुई आतंकी मुठभेड़ के दौरान उनके सिंह के बायें हिस्से में पीछे की तरफ व पेट पर ग्रेनेड के छर्रे लग गए थे. इससे गंभीर रूप से घायल हुए नायक जीत बहादुर में तुरंत श्रीनगर के मिलिट्री अस्पताल लाया गया.

तब तक वह कौमा में जा चुके थे और उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आठ जून को चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली स्थित राष्ट्रीय राइफल्स अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. यहां करीब चार दिन जीवन और मौत की जंग से जूझते हुए उन्होंने रविवार शाम को अंतिम सांस ली; उत्तराखंड सरकार ने जीत बहादुर की शहादत को नमन किया है और उनके परिजनों को सांत्वना दी है.