देहरादून में पढ़ रहे 10 कश्मीरी छात्र हैं सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर…

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े दानिश फारुख का नेटवर्क खंगालने में जुटीं सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सुरक्षा एजेंसियों ने देहरादून में दानिश के करीबी 10 कश्मीरी छात्रों को चिन्हित कर लिया है.

कॉलेज की छुट्टियां होने के कारण यह छात्र अभी दून में नहीं हैं. सूत्रों के अनुसार चिन्हित छात्रों के रोल मॉडल सेना की मुठभेड़ में मारे गए कश्मीर मिलिटेंट ग्रुप कमांडर बुरहान वानी और हिजबुल के शीर्ष कमांडर सबजार अहमद हैं.

आईएमए की पासिंग ऑउट परेड से ठीक पहले देहरादून एक बार फिर से देशभर में सुर्खियों में है. सुर्खियों की वजह देहरादून स्थित पीजी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नालॉजी का बीएससी फाइनल का छात्र दानिश खान है. हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े दानिश ने बुधवार को सेना और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था.

दानिश का दून कनेक्शन सामने आने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों जांच में जुटी हुई हैं. एजेंसियों ने दस संदिग्ध कश्मीरी युवाओं को चिन्हित कर लिया है. देहरादून में अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ने वाले यह सभी कश्मीरी छात्र एक-दूसरे से जुड़े हैं.

यह छात्र तराल, बारामूला और हंदवाड़ा के रहने वाले हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे को सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं. अक्सर मिलते-जुलते भी हैं.

सूत्रों के मुताबिक चिन्हित छात्रों के रोल मॉडल बुरहान वानी और सबजार अहमद हैं. बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को जम्मू में सेना के साथ मुठभेड़ में मारा गया था. साथ ही सात आतंकी भी मारे गए थे.

वानी के एनकाउंटर के बाद जम्मू और कश्मीर में दंगे हुए और 51 लोग मारे गए. सबजार अहमद भी 27 मई को एनकाउंटर में मारा गया. दानिश खान सबजार के जनाजे में शामिल था. जनाजे के एक विडियो के आधार पर ही उसकी पहचान हुई.

दानिश खान 2016 में हंदवाड़ा में सेना एवं पुलिस पर पथराव करते हुए पकड़ा गया था. तब पुलिस दानिश का रिकॉर्ड नहीं खंगाल पाई थी. उसके करियर को देखते हुए उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था.

आतंकी संगठन हिजबुल से जुड़े होने की खबर सामने आने के बाद दानिश फारुख को कॉलेज से निकला दिया गया है. वह पीजी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नालॉजी में बीएससी का छात्र था. कॉलेज के डायरेक्टर संजय चौधरी ने बताया कि जब तक उसे क्लीन चिट नहीं मिलती और वह उसका प्रमाण पत्र नहीं लाता, उसे कॉलेज में घुसने नहीं दिया जाएगा.