उत्तराखंड सरकार ने पेश किया 39957.79 करोड़ का बजट, कोई नया टैक्स नहीं

उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए बिना राजस्व घाटे वाला 39957.79 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. बजट में कोई नया कर प्रस्तावित नहीं है.

इसी साल सत्ता में आयी त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार का पहला बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने राज्य विधानसभा को बताया कि चालू वित्त वर्ष में राजस्व व्यय 31550.83 करोड रुपये अनुमानित है जो कुल व्यय का 78.96 प्रतिशत तथा पूंजीगत व्यय 8406.96 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो कुल व्यय का 21.04 प्रतिशत है.

साल 2017-18 में कोई राजस्व घाटा अनुमानित नहीं है अर्थात राज्य सरकार का कुल राजस्व व्यय कुल राजस्व प्राप्तियों से कम रहना अनुमानित है.

राज्य की कुल प्राप्तियां 39856.13 करोड़ रुपये अनुमानित हैं. राजकोषीय घाटा 5471.42 करोड़ रुपये है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.37 प्रतिशत है तथा राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत निर्धारित तीन प्रतिशत की सीमा के अंदर है.

बजट में राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रतिबद्धता को जाहिर करते हुए फाइलों के समयबद्ध निस्तारण के लिए ई-फाइलिंग व्यवस्था लागू करने तथा सभी सरकारी कार्यालयों में बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करने की बात कही गई है.

बजट में कहा गया है कि अनुपयोगी और अव्यवहारिक कानूनों को समाप्त किए जाने के लिए एक आयोग गठित किया जाएगा जो ऐसे कानूनों की समीक्षा कर सिफारिश करेगा. दैनिक अधार पर प्रत्येक विभाग का अनुश्रवण करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में सीएम डैश बोर्ड बनाया जा रहा है.

बजट में हर एक स्कूल मे बुक बैंक की स्थापना करने तथा एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य रूप से पाठयक्रम का हिस्सा बनाने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावास की स्थापना करना प्रस्तावित है.

बजट में गरीब मेधावी विद्यार्थियों को निशुल्क लैपटॉप, स्मार्ट फोन वितरित करने हेतु धनराशि का भी प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, सभी विश्वविद्यालयों में फ्री वाई-फाई प्रदान करना भी बजट में प्रस्तावित है.

बीपीएल एवं आयकर के दायरे में न आने वाले परिवारों हेतु स्वास्थ्य कल्याण कार्ड योजना के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी. राज्य की विषम पर्वतीय स्थिति के मद्देनजर गंभीर रूप से बीमार और घायल व्यक्तियों के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी.

मध्य हिमालयी क्षेत्र में चिन्हित स्थानों पर योग अभ्यास केंद्रों की स्थापना की जाएगी.