उत्तराखण्ड के प्राचीन मंदिर हेरिटेज सर्किट से जुड़ेंगे, पर्यटन की संभावनाओं को मिलेगा बल

अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन की संभावनाओं को और गति देने के लिए मंदिर हेरिटेज सर्किट योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत अल्मोड़ा की दो मंदिर और बागेश्वर एवं चम्पावत जिले की एक-एक मंदिर को जोड़ा जाएगा. योजना में प्राचीन मंदिर जागेश्वरधाम, कटारमल सूर्य मंदिर, बैजनाथ मंदिर एवं देवीधूरा मंदिर है. आपको बता दें कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत इनको सर्किट से जोड़ा जा रहा है. इस योजना के लिए करीब 80 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इस योजना के तहत काम शुरू करने के लिए सरकार ने 16.34 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए है.

गौरतलब है कि भारत सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत इंटीग्रेटेड डेवलेपमेंट ऑफ हेरिटेज सर्किट इन कुमाऊं रीजन के तहत यह काम हो रहा है. इसमें अल्मोड़ा जिले के जागेश्वरधाम, कटारमल सूर्य मंदिर, बागेश्वर जिले का बैजनाथ मंदिर व चंपावत जिले का देवीधूरा मंदिर को हेरिटेज सर्किट से जोड़ा जाना है. पर्यटन विभाग के अनुसार निर्माण कार्यो के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब जल्द ही काम शुरू हो जाएगा.

यहां आपको बता दें कि योजना के तहत जागेश्वरधाम के निकट आरतोला पर मुख्य प्रवेश द्वार, दंडेश्वर-जागेश्वर ट्रेकिंग रूट, पार्किंग, मार्ग में बैंच, श्मशानघाट व योग सेंटर का निर्माण का काम प्रस्तावित है. इसके अलावा आरतोला से जागेश्वर तक सड़क किनारे रेलिंग लगनी है. दंडेश्वर से मंदिर तक सड़क किनारे सोलर लाइट लगाई जाएगी. कटारमल मंदिर में एक किमी पहले मुख्य प्रवेश द्वार बनने के साथ ही जन सुविधाओं से जुड़े कार्य, पार्किंग निर्माण, कोसी बाजार से कटारमल सूर्य मंदिर तक पैदल मार्ग में बैंच व रेलिंग निर्माण होगा.