देहरादून: गलती एजेंसियों की, सजा भुगत रही जनता

प्रतीकात्मक फोटो

देहरादून, सरकारी स्तर से सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अर्जित करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किए जाने के बाद समाज का एक बड़ा वर्ग आधार कार्ड उपलब्ध न होने से योजनाओं का लाभ पाने से वंचित रह गया है.इसमें अधिकांश वे लोग है जो शारीरिक अपंगता के चलते आधार सेंटर तक जाने में सक्षम या फिर किन्ही अपरिहार्य कारणों के चलते आधार कार्ड नहीं बना पाए, लेकिन सरकार द्वारा सरकारी स्तर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार को अनिवार्य किए जाने के बाद इस कार्य में जुटी निर्माण एजेंसियों की कारगुजारी की पोल भी अब उजागर होने लगी है.

सरकार के साथ हुए करार के तहत आधारकार्ड एजेन्सियों को घर घर जाकर आधार कार्ड बनवाने थे लेकिन इस कार्य में जुटी एजेन्सियों ने चुनिंदा स्थानों पर शिविर लगाकर अपने कार्यों की इतिश्री कर ली. नतीजा समाज का एक बड़ा वर्ग आधार कार्ड से वंचित तो रह ही गया. साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ भी इस वर्ग को नहीं मिल पा रहा है. कुमाऊं मंडल में करीब 18 प्रतिशत लोग ऐसे है, जिनके आधार कार्ड अब तक नहीं बन पाये है, जबकि देहरादून जनपद में 12 प्रतिशत लोग ऐसे है जो आधार न होने से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे है. आधार कार्ड निर्माण से जुड़ी एजेन्सियों की लापरवाही की सजा समाज के एक ऐसे वर्ग को भुगतनी पड़ रही है जो दाने दाने को मोहताज है. बता दे कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरिश्रित पेंशन, विधवा पेंशन परित्यक्तया व निशक्तजन पेंशनरों को बैकों के माध्यम से ही पेंशन मिलता है.

इन्हें भी बैक खातों का आधार लिंक कराना अनिवार्य है. कई उम्र दराज होने के कारण आधार कार्ड फिंगर निशान नहीं मिलने के कारण नहीं बन पाया है. ऐसे निराश्रित हितकारी को भविष्य में पेंशन मिल पाएगा या बैंक से पेंशन मिलना बन्द हो जाएगा. यह स्पष्ट नहीं है जिले में कितने लोग ऐसे है जिनका आधार कार्ड तो बन गया है. परन्तु त्रुटि होने के कारण बैकों में अब तक लिंक नहीं करा पाये है. उन्हें जल्द से जल्द चाइन सेंटर से संपर्क कर त्रुटि में सुधार करवाना होगा.

नए नियमों के अनुसार किसी भी बैक में एक व्यक्ति का एक ही खाता होगा. यदि किसी व्यक्ति का एक ही बैंक में एक से अधिक खाता होंगे तो आधार नम्बर से लिंक होने पर दूसरा खाता खुद बंद हो जाएगा. यदि किसी व्यक्ति को एक से ज्यादा खातों की जरूरत है तो वह किसी अन्य बैंक में खाता खुलवा सकता है.इस संबंध में बैकों के सामने बैनर पोस्टर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है.