उत्तराखंड की सीमा से 8 नेपाली युवतियां बरामद, खाड़ी देशों में करनी थी सप्लाई

देहरादून, नेपाल-उत्तराखंड की सीमा से पुलिस ने आठ लड़कियों को बरामद किया है. नेपाली मूल की इन लड़कियों को उत्तराखंड के रास्ते दिल्ली ले जाने और वहां से खाड़ी देशों में सप्लाई करने की योजना थी.उत्तराखंड और नेपाल के बीच संचालित हो रही सवारी ढोने वाली बाइकों से अब मानव तस्करी भी होने लगी है. नेपाल पुलिस ने बाइकों से सीमा पर पहुंची आठ युवतियों को गलत हाथों में पड़ने से बचा लिया.

पीड़िताओं को नेपाल के चांदनी दोधारा सीमा से बनबसा के रास्ते दिल्ली पहुंचाया जाना था. वहां से उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेजा जाना था. नेपाल पुलिस ने युवतियों को उनके घर पहुंचाने के लिए माईते नेपाल संस्था को सौंपा है. बताया गया है कि सोमवार को मुखबिर की सूचना पर नेपाल के चांदनी दोधारा पुलिस के निरीक्षक वीर दत्त पंत ने बाइक पर सवार भारतीय सीमा पहुंची आठ युवतियों को बनबसा पहुंचने से पूर्व ही सुरक्षित नेपाल वापस भिजवा दिया.

बताया गया कि युवतियों को विदेश में नौकरी देने का झांसा देकर उन्हें चांदनी दोधारा से बनबसा या चकरपुर की सीमा पर पहुंचाने के बाद दिल्ली भिजवाया जाना था. दिल्ली से उन्हें यूएई को भेजने की योजना थी. युवतियों और महिलाओं को विदेश भेजने वाला गिरोह बनबसा सीमा पर सख्ती के चलते अब उन्हें नेपाल की ग्रामीण चांदनी दोधारा सीमा पर बाइकों से पहुंचा रहा है.गौरतलब है कि बनबसा स्थित वैधानिक मार्ग पर एसएसबी, एंटी ह्यूमैन ट्रैफिकिंग यूनिट, रीड्स संस्था और बैराज पुलिस के अलावा नेपाल के गड्डाचौकी में भी सतर्कता बरती जा रही.

इसी के चलते अब मानव तस्कर नेपाल के चांदनी दोधारा सीमा से इस काम को अंजाम देने में लगे है.दोधारा पुलिस थाने के प्रहरी इंचार्ज बीरदत्त पंत ने मीडिया को बताया कि युवतियों की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच है. बताते चलें कि नेपाल में आये भीषण भूकंप के बाद वहां की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हुई है. ऐसे में प्रभावित क्षेत्र में मानव तस्कर सक्रिय हो गये हैं और नौकर का झांसा देकर लड़कियों को अमीर मुल्क में बेचा जा रहा है.