आज है वट पूर्णिमा का व्रत, जानें कैसे होती है ये पूजा

वट पूर्णिमा का व्रत दो बार रखा जाता है. एक बार यह कृष्ण पक्ष की पूर्णिमा में रखा जाता है, जोकि इस साल 25 मई को रखा गया था, तो वहीं दूसरा शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा आज यानी 8 जून को है. आज शुक्ल पक्ष की वट पूर्णिमा का व्रत है. वट सावित्री व्रत में महिलाएं 108 बार बरगद की परिक्रमा कर पूजा करती हैं. कहते हैं कि गुरुवार को वट सावित्री पूजन करना बेहद फलदायक होता है. ऐसा माना जाता है कि सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे ही अपने मृत पति सत्यवान को यमराज से वापस ले लिया था.

इस दिन महिलाएं सुबह से स्नान कर लेती हैं और सुहाग से जुड़ा हर श्रृंगार करती हैं. मान्यता के अनुसार इस दिन वट वृक्ष की पूजा करने के बाद ही सुहागन को जल ग्रहण करना चाहिए. वट पूर्णिमा व्रत गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में रखा जाता है. वहीं उत्तर भारत में इस व्रत को सावित्री व्रत के रूप में मनाया जाता हैं.

ऐसे करें व्रत
महिलाएं इस दिन उपवास रखती हैं और वट वृक्ष के नीचे बैठ कर पूजा आराधना करती हैं। एक बांस की टोकरी मे सात तरह के अनाज रखते जिसे कपड़े के दो टुकड़े से ढ़क देते है दूसरी टोकरी में सावित्री की प्रतिमा रखते है फिर वट वृक्ष को जल, अक्षत, कुमकुम से पूजा करते है फिर लाल मौली से वृक्ष के सात बार चक्कर लगाते हुए ध्यान करते हैं। इसके बाद सभी महिलाएं सावित्री की कथा सुनाती है फिर दान दक्षिणा देतें हैं