देहरादून में आज से विधानसभा सत्र, हंगामे के पूरे आसार | NH74 घोटाला देगा विपक्ष को धार

करीब 300 करोड़ रुपये के कथित एनएच-74 घोटाले की जांच अब तक शुरू कराने में विफल रही उत्तराखंड सरकार को घेरने की विपक्षी कांग्रेस की तैयारी के चलते गुरुवार से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं.

राज्य विधानसभा में विपक्ष की नेता इंदिरा हृदयेश ने संवाददाताओं से कहा कि अगर घोटाले की सीबीआई जांच नहीं कराई जाती और घोटाले को उजागर करने वाले तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त की जांच रिपोर्ट राज्य विधानसभा में नहीं रखी जाती तो कांग्रेस सदन में धरना देगी.

करोड़ों रुपये के घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश को वापस लेने को राज्य सरकार पर अनावश्यक दबाव बनाने का केंद्र पर आरोप लगाते हुए इंदिरा ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लिखे उस पत्र का मजमून भी मीडिया के साथ साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि ऐसी कार्रवाई भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करने के अलावा राज्य में चल रही परियोजनाओं के निर्बाध संचालन में भी बाधक होगी.

उन्होंने कहा, ‘यह सब दिखाता है कि केंद्र घोटाले की सीबीआई जांच कराने को लेकर अनिच्छुक है जो एक निर्वाचित सरकार को उसके अधिकारों से वंचित करने के बराबर है.

इस साल मार्च में पद संभालने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कथित घोटाले का संज्ञान लेते हुए इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. हालांकि, अब तक यह जांच शुरू नहीं हो पायी है.

घोटाले के संबंध मे दर्ज प्राथमिकी में नामजद एनएचएआई अधिकारियों के अदालत की शरण लेने और अटार्नी जनरल के उनका बचाव करने का जिक्र करते हुए इंदिरा ने कहा कि घोटाले में लिप्त अधिकारियों को दंडित करने की बजाय केंद्र उन्हें बचाने में लगा है.

इंदिरा ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को राज्य विधानसभा में जोरशोर से उठाएगा. दूसरी तरफ, बीजेपी सरकार का कहना है कि सिफारिश होने के बाद सीबीआई जांच शुरू करने के लिए तय 90 दिन का समय अभी समाप्त नहीं हुआ है और कांग्रेस को इस संबंध में सब्र रखना चाहिए.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा, ‘कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को लेकर मचाया जा रहा शोर अनावश्यक है. अभी जांच शुरू करने के लिए समय बचा हुआ है और बेचैनी की कोई जरूरत नहीं है.’ इस सत्र में बीजेपी सरकार के लोकायुक्त विधेयक को रखे जाने और उसे पारित कराने की भी संभावना है.

संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने कहा, ‘हमारे विजन डाक्यूमेंट का हिस्सा रहे लोकायुक्त विधेयक को भी इस सत्र में रखा जाएगा और उसे पारित कराया जाएगा.’ इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी विधानसभा सत्र के दौरान सांकेतिक धरना प्रदर्शन की चेतावनी हफ्तों पहले दे दी थी.