पटाखा फैक्टरी में आग लगने से 23 लोगों की मौत, सात झुलसे

मध्य प्रदेश के बालाघाट में कोतवाली पुलिस थानां क्षेत्र के अंतर्गत खेरी गांव में एक पटाखा फैक्टरी में बुधवार दोपहर अचानक आग लगने से 23 मजदूरों की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग झुलस गए.

बालाघाट पुलिस रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक जी. जर्नादन ने बताया कि कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित फैक्टरी में दोपहर लगभग तीन बजे आग लगी. यह जगह जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर है.

बालाघाट के जिलाधिकारी भरत यादव के अनुसार घटना में 10 मजदूरों के झुलसने की खबर मिली थी. उनमें से तीन की नागपुर ले जाने के दौरान मौत हो गई. इसके साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई.

उन्होंने कहा, ‘सात घायलों में से पांच को इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया है, जबकि दो अन्य का जिले के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.’ इस बीच, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जख्मी हुए लोगों के इलाज का खर्च वहन करेगी.

बालाघाट के कलेक्टर भरत यादव ने बताया कि यह आग वारिस अहमद की पटाखा फैक्टरी में लगी. यह लाइसेंस वाली फैक्टरी थी. हादसा उस वक्त हुआ, जब ये मजदूर फैक्टरी में काम कर रहे थे.

यादव ने कहा कि आग लगने का असली कारण अब तक पता नहीं चल पाया है. हो सकता है कि किसी मजदूर ने बीड़ी पीने के बाद वहां फेंक दी हो. उन्होंने कहा कि अब आग को बुझा दिया गया है. जहां फैक्टरी थी, उस इलाके में आवासीय इलाका नहीं था. आग लगने के कारणों की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं.