भारी बारिश के चलते चारधाम मार्ग अवरुद्ध, फल बगानों और फसलों को पहुंचा नुकसान

गोपेश्वर, मंगलवार को दोपहर बाद पहाड़ में मौसम का बदला मिजाज राहत के साथ आफत भी लाया है.झमाझम बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी है,वहीं कई हिस्सों में बारिश और तेज आंधी मुसीबत बन गई. फिर भी लोगों ने मौसम का आनंद लिया.

भारी बारिश के कारण मंगलवार को बदरीनाथ हाईवे कुहेड़ के पास मलबा आने से करीब तीन घंटे तक अवरुद्ध रहा. तीर्थयात्री भारी बारिश में अपने वाहनों में ही बैठकर हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे.सांय छह बजे तक भी हाईवे के न खुलने से पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जा रहे कुछ यात्रा वाहनों की आवाजाही नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण से कराई.

नंदप्रयाग और सोनला के बीच एक सेना का भारी वाहन हाईवे के बीचों-बीच खराब होने से करीब आधे घंटे तक यहां भी वाहनों के पहिए थमे रहे. पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने कहा कि अब बदरीनाथ हाईवे पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया है.वहीं दूसरी ओर बरसात के कारण मंगलवार शाम को मल्ला के पास मलबा आने से गंगोत्री हाइवे बाधित हो गया. बीआरओ के कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर करीब आधा घंटे में हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया. यमुनोत्री हाईवे पर खरादी के पास बोल्डर आने से हाईवे आंशिक रूप से कुछ देर बड़े वाहनों के लिए बंद रहा.

जबकि छोटे वाहन इस दौरान आसानी से निकल गए. करीब आधा घंटे बाद जेसीबी के मौके पर पहुंचने पर हाईवे को बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए भी बहाल कर दिया गया. उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक के सेवा गांव में आंधी तूफान से करीब एक दर्जन मकानों की छतें उड़ गई है. सेब के बागीचों को भी क्षति पहुंची है. किसानों में फसल का नुकसान होने से मायूसी छाई है. वहीं सेब बगानों के मालिकों को भी नुकसान का खामियाजा भुगतना पड़ेगा.