उत्तराखण्ड : सुगम-दुर्गम इलाकों में शिक्षकों के तबादले नए मानकों के आधार पर

देहरादून,पिछली सरकार का एक और फैसला रावत सरकार ने पलट दिया. पिछली सरकार से सितंबर में राजकीय शिक्षकों के आंदोलन के बाद सुगम और दुर्गम इलाकों में तैनाती के मानक बदल दिए थे. अब नई सरकार ने सुगम-दुर्गम कोटिकरण में लापरवाही करने वाले 36 शिक्षा अफसरों से शिक्षा निदेशक ने जवाब तलब किया है. शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने उत्तरकाशी को छोड़ बाकी सभी 12 जिलों के सीईओ और बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के डीईओ को तत्काल कोटिकरण का पूरा ब्योरा विभागीय वेबपोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए है. ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि इस साल सुगम और दुर्गम इलाकों में तैनाती नए मानकों के आधार पर होनी है. बता दें कि स्कूलों का कोटिकरण पिछले कई महीनों से लटका हुआ है. राजकीय शिक्षक संघ के सितंबर में हुए आंदोलन के बाद सरकार ने सुगम-दुर्गम का मानक बदल दिया था. तत्कालीन अपर मुख्य सचिव-शिक्षा डॉ. रणवीर सिंह ने जीओ जारी कर ‘ए’ श्रेणी में रखे गए स्कूल को ‘बी’, और ‘बी’ को ‘सी’ में परिवर्तित करने को कहा था. स्कूलों के कोटिकरण में बदलाव का यह क्रम ई और एफ श्रेणी तक था. इसके बाद से अबतक नए सिरे से कोटिकरण नहीं किया गया है. अब इस साल तबादले नए मानक के अनुसार होने वाले हैं यदि समय पर कोटिकरण पूरा न हुआ तो तबादला प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा है कि शैक्षिक सत्र प्रभावित न हो इसके लिए इसी माह से तबादला प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए है.

आपको बता दें कि राजकीय शिक्षक संघ ने तबादला प्रक्रिया को पारदर्शी और शिक्षकों के हित में रखने की मांग दोहराई है. शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने कहा कि पूर्व निर्धारण श्रेणी में बदलाव के बावजूद कई कमियां मौजूद है इस वजह से शिक्षकों को उनकी दुर्गम क्षेत्र की सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है.माजिला ने कहा कि यदि कोटिकरण में शिक्षकों के हित प्रभावित हुए तो शिक्षक संघ उसे बर्दाश्त नहीं करेगा.

वहीं एक अन्य मामले में फेसबुक पर कांग्रेस पार्टी के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वाले शिक्षक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस प्रदेश सचिव पंकज रतूड़ी ने शिक्षा महानिदेशक, टिहरी के डीएम और एसएसपी को ज्ञापन देकर शिक्षक गणेश चंद्र ध्यानी के खिलाफ सायबर एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की है. आपको बता दें कि राज्य के 17 सालों के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब जब फेसबुक पर कमेंट के कारण शिक्षक पर कार्रवाई होगी . इसके पहले शिक्षक नेता मदन लाल हिन्दुस्तानी के खिलाफ कार्रवाई हुई थी.