रिलायंस जियो ने ‘इस’ मामले में मचाया धमाल, दिवाली पर फिर एक तोहफा देने की तैयारी

रिलायंस जियो के प्रमोशनल ऑफर भले ही खत्म हो गए हों, र भी कंपनी किसी न किसी बात को लेकर चर्चा में बनी ही रहती है. अब कंपनी के लिए एक अच्छी खबर आयी है. कंपनी के एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर में लगभग 300 रुपये तक की बढ़त हुई है. अमेरिका स्थित फ्रांसिस्को की वंतूर कैपिटल फर्म क्लेनर पर्किंस कॉफील्ड एन्ड बायर्स की रिपोर्ट से यह जानकारी आयी है. इकॉनमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार भारत की तीन बड़ी टेलिकॉम कंपनियां- एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया के एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर में लगभग 195 रुपये की बढ़त हुई है. इसमें वॉयस कॉल, डाटा और वैल्यू एडेड सर्विस का रेवेन्यू जुड़ा हुआ है.

इस रिपोर्ट की मानें तो जियो ने पेड प्राइम सेवा के लिए 31 मार्च को 72 मिलियन तक पहुंचे यूजर्स को 108 मिलियन यूजर्स तक पंहुचा दिया. इस तरह से 2016-17 की चौथी तिमाही में भारतीय टेलिकॉम सेक्टर में कड़ी टक्कर देखी गई.

यूजर की संख्या में बढ़त के साथ हाल ही में आयी खबरों के मुताबिक टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो दिवाली तक फाइबर-टू-द-होम (FTTH) JioFiber ब्रॉडबैंड सर्विस कमर्शियली लॉन्च कर सकती है. खबरों की मानें तो इसकी शुरुआती कीमत 500 रुपये होगी, जिसमें 100 जीबी डाटा दिया जाएगा. इस सर्विस का फ्री ट्रायल चल रहा है. फिलहाल कुछ शहरों में ही ट्रायल किया जा रहा है, जिसे जून के बाद बढ़ाने की बात भी सामने आई है. इस साल के अंत तक जियो का मकसद 100 शहरों को कवर करना है.

विशेषज्ञ की मानें तो जियो के ब्रॉडबैंड के नए प्लान्स मार्किट में हलचल पैदा कर सकते हैं. ऐनालिसिस मेसन के पार्टनर और इंडिया और साउथ एशिया के हेड रोहन धमीजा ने कहा, ‘निश्चित तौर पर यह खलबली मचाने वाला होगा. जियो की FTTH ऑफरिंग से कॉम्पिटीटर्स के मुकाबले ज्यादा ऊंची कपैसिटी मिलेगी. इस तरह से सप्लाई पर ज्यादा कपैसिटी और इनोवेटिव प्राइसिंग के साथ यह फिक्स्ड ब्रॉडबैंड बिजनेस में ठीक उसी तरह से हलचल पैदा कर सकता है जैसा उसने मोबाइल बिजनेस के जरिए किया था.’

KPMG के टेलिकॉम एक्सपर्ट जयदीप घोष के अनुसार, फाइबर ऑप्टिक्स के जरिए हाई स्पीड इंटरनेट की डिमांड बिजनेस (बी-टू-बी) और रिटेल दोनों ही कैटेगरी में है. रिलायंस जियो ने बीते सात सालों में पूरे देश में फाइबर ऑप्टिक्स का बड़ा नेटवर्क तैयार किया है. ऐसे में रिटेल और बिजनेस दोनों ही सेग्मेंट में कंपनी के पास बड़ा बाजार है और कंपनी को अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद है. घोष ने बताया कि मौजूदा समय में टेलिकॉम कंपनियां रिटेल यूजर्स को 2जी, 3जी और 4जी नेटवर्क देते हैं साथ ही बिजनेस कैटेगरी में भी निर्भरता मोबाइल नेटवर्क पर ज्यादा है.

फाइबर ऑप्टिक्स की उपलब्धता सीमित है. ऐसे में रिलायंस जियो के लिए जहां एक ओर इंटरनेट पर आधारित इंडस्ट्रीज जैसे बीपीओ और टेक्नोलॉजी कंपनियां बड़ा बाजार होंगे. वहीं, दूसरी ओर रिटेल मार्किट में भी सस्ती दर पर तेज इंटरनेट के जरिए कंपनी अपनी पकड़ मजबूत बनाएगी.

एनालिसिस मेसन के पार्टनर और इंडिया-साउथ एशिया के हेड रोहन धमीजा के मुताबिक, रिलायंस जियो की ओर से दी जाने वाली फाइबर टू द होम टेक्नोलॉजी निश्चित तौर पर स्पीड के मामले में दूसरी कंपनियों के डिजिटल नेटवर्क से बेहतरी होगी. साथ ही अगर कंपनी के टैरिफ भी मोबाइल टैरिफ की तरह ही आक्रमक और आकर्षक होते हैं तो निश्चित तौर पर फिक्स्ड ब्रॉडबैंड बिजनेस में ठीक उसी तरह से हलचल पैदा कर सकता है जैसा उसने मोबाइल बिजनेस के जरिए किया था.’ इसका पूरा फायदा ग्राहकों को मिलना तय है. ऐसे में अगर दिवाली तक रिलायंस ब्रॉडबैंड मार्किट में कदम रखता है तो निश्चित तौर पर आपके डीटीएच, ब्रॉडबैंड का बिल कम हो जाएगा.