भंवरी देवी हत्याकांड की मास्टर माइंड 6 साल बाद एमपी से गिरफ्तार

जयपुर,राजस्थान का बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण और हत्या मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. इस मामले में फरार चल रही इंद्रा विश्नोई 6 साल बाद एटीएस की पकड़ में आ गई. उस पर सीबीआई ने पांच लाख रुपए का ईनाम घोषित कर रखा था. साढ़े पांच साल तक सीबीआई इंद्रा को गिरफ्तार करने की कवायद करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली.सीबीआई ने इंद्रा को पकड़ने के लिए कई प्रयास किए. उस पर पांच लाख का इनाम रखा, घर नीलम करने की प्रक्रिया की, लेकिन इंद्रा सीबीआई के हाथ नहीं आई. इंद्रा को एटीएस ने एमपी के देवास स्थित निमावर थाना इलाके से गिरफ्तार कर लिया है. इंद्रा यहां गरीब तबके की महिला बनकर रह रही थी. करीब दो माह पहले इंद्रा के बारे में उदयपुर स्थित एटीएस चौकी को सूचना मिली थी.

एटीएस को सूचना मिली थी कि इंद्रा एमपी के देवास में है. इंद्रा की सूचना मिलने के बाद एडीजी उमेश मिश्रा, आईजी बीजू जॉर्ज जोशेफ और एएसपी शांतनु कुमार ने इंद्रा पर नजर रखनी शुरू कर दी. एटीएस की टीम देवास में डेरा डाले रही, लेकिन इंद्रा का हुलिया काफी बदला होने के चलते उसको पहचानने में परेशानी हो रही थी. इस बीच कुछ दिन पहले आईजी बीजू जॉर्ज जोसफ को फिर देवास से इंद्रा का क्लू मिला, फिर टीम देवास पहुंची और इंद्रा को गिरफ्तार कर लिया गया. एटीएस टीम इंद्रा को लेकर जोधपुर रवाना हो चुकी है. एटीएस इंद्रा को सीबीआई के हवाले करेगी.

क्या है पूरा मामला
अब तक हुई जांच के मुताबिक भंवरी देवी के इंदिरा विश्वनोई के भाई और पूर्व विधायक मलखान सिंह से रिश्ते थे. भंवरी देवी के एक बेटी भी मलखान से है. यह बात जांच में साबित की जा चुकी है. राजस्थान की कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे महिपाल मदेरणा की भी भंवरी देवी के साथ एक सीडी थी. जो उस समय चर्चा में आई थी. भंवरी मलखान से अपना हक मांग रही थी. भंवरी से पीछा छुड़ाने के लिए इंदिरा ने अपने रिश्तेदार के साथ उसके अपहरण की साजिश रची. इस साजिश में मलखान और मदेरणा भी शामिल हो गए. साल 2011 में भंवरी को गायब कर दिया गया और उसकी हत्या कर दी गई. इंदिरा ने उस समय सीबीआई से पूछताछ में कहा था कि अगर वह मुंह खोलेगी तो कई बड़े चेहरे फंस जाएंगे. इसके बाद वह गायब हो गई. साढे़ पांच साल बाद उसे फिर से गिरफ्तार किया गया है. इस बीच उसको भगोड़ा भी घोषित कर और पांच लाख का इनाम घोषित कर दिया गया था.