EVM हैकाथॉन आज, गड़बड़ी को लेकर छाती पीटने वाली पार्टियों ने नहीं किया आवेदन

निर्वाचन आयोग ने अपने कदम की संवैधानिक वैधता पर उठाए गए सवाल को उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद शुक्रवार रात कहा कि ईवीएम चुनौती प्रदर्शन शनिवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा. खास बात यह है कि EVM में गड़बड़ी को लेकर छाती पीटने वाली आम आदमी पार्टी, बीएसपी, टीएमसी और कांग्रेस ने चुनाव आयोग की इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया है।

निर्वावन आयोग के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा, ‘ईवीएम चुनौती प्रदर्शन कल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा. एनसीपी और माकपा ने चुनौती के लिए तीन-तीन लोग नामांकित किए हैं.’ उन्होंने कहा कि दोनों दलों को मशीनों से छेड़छाड़ की कोशिश करने के लिए अलग-अलग हॉल मिलेंगे. चुनौती प्रदर्शन सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक होगा.

निर्वाचन आयोग ने यह चुनौती तब दी जब कई बड़े विपक्षी राजनीतिक दलों ने दावा किया कि ईवीएम से लोगों का विश्वास उठ गया है. बीएसपी और आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि हाल के विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ की गई थी और इनके जरिए बीजेपी को लाभ पहुंचा.

निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों के चलते आरोप लगाने वाले दलों को चुनौती दी कि वे यह साबित करके दिखाएं कि ईवीएम से छेड़छाड़ की जा सकती है. आयोग की इस चुनौती के बाद केवल एनसीपी और सीपीएम ही चुनौती में भाग लेने के लिए आगे आईं.

इससे पहले उत्तराखंड के एक कांग्रेस नेता द्वारा उत्तराखंड हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद शर्मा की खंडपीठ ने ईवीएम चुनौती को हरी झंडी दे दी. याचिका में निर्वाचन आयोग के कदम की संवैधानिक त्रुटिहीनता को चुनौती दी गई थी.