बिहार टॉपर घोटाला 2 : उम्र छुपाने के आरोप में बिहार टॉपर गिरफ़्तार

पटना,बिहार में इस साल भी पिछले साल की तरह  टॉपर घोटाला सामने आया है. इस मामले में बिहार बोर्ड में 12वीं में टॉप करने वाले गणेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. बिहार बोर्ड ने गणेश पर गलत तरीके से एडमिशन लेने का मामला दर्ज कराया था. बोर्ड ने गणेश का रिजल्ट कैंसल करते हुए स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी केस किया था. संगीत विषय में शानदार नंबर लाकर टॉपर बने गणेश ने मीडिया के सामने माना था कि उन्हें संगीत कि कोई खास जानकारी नही है.

1990 में मैट्रिक का एग्जाम देने वाले गणेश ने 27 साल बाद 24 साल उम्र दिखाकर 12वीं की परीक्षा दी. जबकि जांच में सामने आया है कि अभी उनकी उम्र 42 साल है. 1990 में गणेश कुमार का सही नाम गणेश राम था. पिता का नाम शंकर नाथ राम है. उनकी जन्मतिथि 7 नवंबर, 1975 है. गणेश कुमार ने 1990 में मैट्रिक की परीक्षा सी आर एस स्कूल सरिया गिरिडीह (जो अब झारखंड) में है से दी थी. इसके 25 साल बाद 2015 में गणेश राम ने अपना नाम और जन्मतिथि बदल ली. गणेश ने 2015 में अपनी जन्मतिथि 2 जून 1993 दिखाकर बिहार के समस्तीपुर से मैट्रिक की परीक्षा दी.

जब मीडिया ने गणेश से सवाल किए गए तो जवाब सुनकर बिहार में एक बार फिर टॉपर घोटाला होने के सवाल उठने लगे. गणेश कुमार मीडिया के सामने किसी भी सवाल का संतोषजनक जबाव नहीं दे पाया. इसके बाद एक बार फिर से बिहार शिक्षा बोर्ड सवालों के घेरे में है. गौरतलब है कि पिछले साल भी टॉपर घोटाला कांड ने बिहार को शर्मशार किया था. गणेश कुमार झारखंड के गिरीडीह का रहने वाला है, लेकिन इंटर की पढ़ाई करने के लिए वह 250 किलोमीटर दूर बिहार के समस्तीपुर पहुंचा. यहां उसने रामनंदन सिंह जगदीश नारायण कॉलेज में 2015 में दाखिला लिया. उसे इस साल 12वीं के रिजल्‍ट में म्‍यूजिक (प्रेक्टिकल) में 70 में से 65 अंक हासिल हुए है.