कोटद्वार : मदरसे का टीचर बना ‘हैवान’, छात्र की कर दी ऐसी हालत कि…

स्कूलों को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है और गुरू को भगवान से भी बढ़कर. लेकिन अगर श‌िक्षक ही हैवान बन जाए तो बच्चे क्या सीखेंगे. ऐसा ही पौड़ी जिले में कोटद्वार के पास मदरसे में एक छात्र के साथ हुआ. छात्र ने हैवान बने श‌िक्षक की जो कहानी सुनाई उसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी.

कोटद्वार शहर से सटे ग्रास्टनगंज गांव में स्थित एक मदरसे में एक शिक्षक ने छात्र की इतनी बुरी तरह से पिटाई कर दी कि उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है. परिजनों ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ कोतवाली में शिकायत दी है.

आमपड़ाव निवासी जाकिर पुत्र अब्दुल वाहिद ने पुलिस को बताया कि उनका 15 साल का बेटा सानू एक साल से ग्रास्टनगंज स्थित मदरसे में पढ़ाई कर रहा है. चार मई को मदरसे की अचानक छुट्टी कर दी गई.

वह अपने बेटे सानू को लेने के लिए मदरसे में गए तो वह वहां घायल पड़ा था. वहां के कारी (शिक्षक) से घायल होने का कारण पूछा तो उन्होंने उसे हल्की-फुल्की चोट आना बताया.

बच्चे की हालत को देखते हुए परिजन उसे सीधे सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने बताया कि उसकी बुरी तरह पिटाई की गई है. पिटाई की वजह से उसके फेफड़ों में भी खून जमा हो गया है. हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गया. प्राथमिक उपचार के बाद सानू की हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.

घायल छात्र के पिता ने बताया कि बच्चे को इतना डरा दिया गया था कि वह कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ. जब उन्होंने उसे किसी दूसरे स्कूल में पढ़ाने की बात कही तो बच्चे ने हिम्मत जुटाकर पिटाई की पूरी कहानी बयां की.

​बच्चे ने बताया कि शिक्षक ने उसे पढ़ाई के नाम पर जहां तीन दिन तक भूखा ही नहीं रखा, बल्कि लकड़ी के फट्टे से बुरी तरह पिटाई भी की. परिजनों ने मदरसे के शिक्षक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. बाजार पुलिस चौकी के प्रभारी पीएस नेगी का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली है. मामले की जांच की जा रही है.