आज से एसबीआई के ग्राहकों की जेब होगी हल्की | सर्विस चार्ज में बदलाव लागू

SBI ने बदले ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े नियम

मुंबई, गुरुवार से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपनी सेवाओं के लिए अतिरिक्त फीस लेने की शुरुआत करने जा रहा है. बैंक के इस फैसले से इसके ग्राहकों की जेब हल्की होगी. बैंक के फैसले के अनुसार 1 जून से बदलाव लागू हो जाएंगे. सेविंग एकाउंट में मिनिमम बैंलेंस न रखने पर चार्ज लगने से परेशान कस्टमर्स को अब कैश निकासी से लेकर चेक बुक इश्यू कराने तक में एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने पड़ेंगे.

एसबीआई के ग्राहकों के लिए सबसे अहम बदलाव कैश निकालने के नियम में हुआ है.1जून यानि आज
से एक महीने में केवल चार बार ही रकम खाते से पैसे निकाले जा सकेंगे. इसमें एटीएम से निकाले जाने वाले पैसे भी शामिल है. अगर कोई कस्टमर पांचवीं बार अपने एकाउंट से पैसे निकालता है, तो उसे चार्ज देना पड़ेगा बैंक की ब्रांच से पैसे निकालने पर 50 रुपए और सर्विस टैक्स देना होगा. एटीएम से चार बार के बाद हर निकासी पर एसबीआई के एटीएम पर 10 रुपए और दूसरे बैंक के एटीएम पर 20 रुपये शुल्क देना होगा. एटीएम ट्रांजेक्शन पर भी सर्विस टैक्स अलग से लगेगा.

इटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और यूएसएसडी तरीके से आईएमपीस (इमीटिएड पेमेंट सिस्टम) फंड ट्रांसफर भी महंगे हो जाएंगे. अब एक लाख तक के आनलाइन ट्रांसफर पर पांच रुपए, एक लाख से दो लाख पर 15 रुपए और दो लाख से पांच लाख तक की रकम ट्रांसफर करने पर 25 रुपए फीस देनी होगी. बाकी ट्रांजैक्शन की तरह यहां भी सर्विस टैक्स अलग से देना होगा.एसबीआई ने अपने कस्टमर्स के लिए चेक बुक मंगाना भी महंगा कर दिया है. अब अगर कोई सेविंग बैंक एकाउंट होल्डर 10 लीफ वाली चेक बुक लेता है तो उसे 30 रुपए देने होंगे. 25 पेज वाली चेक बुक के लिए 75 रुपए और 50 पेज वाली चेक बुक के लिए 150 रुपए शुल्क देना होगा. इसमें भी सर्विस टैक्स अलग से लगेगा.

एसबीआई ने अपनी एटीएम कार्ड सेवा की दरों व शर्तों में भी बदलाव किया है. अब अगर आपने रुपे डेबिट कार्ड लिया है, तो वह फ्री होगा लेकिन मास्टर अथवा वीजा कार्ड लेने पर शुल्क देना होगा. बैंक ने अपने वॉलेट बडी को लेकर भी शुल्क में बदलाव किए है.