सुखोई -30 एमकेआई हादसा: दोनों पायलटों की मौत | वायुसेना ने की पुष्टि

नई दिल्ली,भारतीय वायुसेना ने असम में दुर्घटनाग्रस्त लड़ाकू विमान सुखोई-30 के लापता दोनों पायलटों को बुधवार को मृत घोषित कर दिया. भारतीय वायुसेना ने कहा, “विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के दौरान सुखोई-30 के पायलटों स्क्वाड्रन लीडर डी.पंकज तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस.अचुदेव को जानलेवा चोटें आई”

विमान के फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर से मिली जानकारी के अनुसार दोनों ही पायलट दुर्घटना के पहले विमान से पैरासूट की मदद से बाहर निकलने में असफल रहे और उनकी मौत हो गई. इस सुखोई विमान ने 23 मई को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर तेजपुर बेस से नियमित प्रशिक्षण उड़ान भरी थी और यह तेजपुर से 60 किलोमीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था विमान का रडार प्रणाली से अंतिम संपर्क 11 बजकर 10 मिनट पर हुआ था. विमान और पायलटों की खोज के लिए खोज और बचाव अभियान चलाए गए. लगातार बारिश, घने बादलों और मुश्किल इलाके ने खोज अभियान को बाधित किया. नागरिक प्रशासन और सेना के अधिकारियों से सहायता की मांग की गई थी.

विमान के मलबे की तलाश के लिए सघन अभियान चलाया गया और इसमें 26 मई को सफलता मिली, लेकिन दोनों पायलटों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी. वायुसेना ने बुधवार शाम इन दोनों पायलटों के दुर्घटना में मारे जाने की पुष्टि की. दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके है. बता दें कि दो-इंजन वाले सुखोई-30 एयरक्राफ्ट का निर्माण रूसी की कंपनी सुखोई एविएशन कॉरपोरेशन ने किया है. भारत की रक्षा जरूरतों के लिहाज से सुखोई विमान काफी अहम है. लेकिन दुख की बात ये है कि पिछले 7 साल में 8 सुखाई विमान भारत में दुर्घटना के शिकार हो चुके है. हालांकि ये विमान सभी मौसमों में उड़ान भर सकता है और हवा से हवा में, हवा से सतह पर मार करने में सक्षम है.