बिहार बोर्ड के आर्ट्स टॉपर को अपने ही विषयों का बुनियादी ज्ञान नहीं

पटना, बिहार बोर्ड के परीक्षा परिणाम में हुई धांधली किसी से छिपी नहीं है. आर्ट्स की टॉपर रूसी सिंह का पॉलिटिकल साइंस को प्रॉडिकल साइंस कहने वाला बयान तो सुर्खियों में रहा था. इस बार फिर गत मंगलवार को बिहार चुनाव के 12वीं के नतीजे आए हैं और इस बार फिर हंगामा शुरू हो गया है. इस बार बिहार बोर्ड से सख्ती बरती और नतीजा ये आया कि परीक्षा देने वाले 64 फीसदी छात्र फेल हो गए है. लेकिन सब के बीच सामने आए बिहार बोर्ड के आर्टस के टॉपर गणेश कुमार, जो 24 साल के है और उन्होंने अपने घर से 240 किलोमीटर दूर आकर एक ऐसे स्कूल से परीक्षा दी जो सही से बना भी नहीं है. इतना ही नहीं इनको मिले नंबर और इनकी समझ भी मेल खाती नहीं दिख रही है. ऐसे में एक बार फिर बोर्ड परिणामों को लेकर सवाल उठाए जा रहे है.

असल में बिहार बोर्ड के आर्ट्स टॉपर गणेश कुमार ने संगीत जैसे विषय लिए हुए थे, जिन्हें संगीत के प्रैक्टिकल में 70 में से 65 अंक मिले है.अमूमन संगीत के प्रैक्टिकल में इतने नंबर बहुत ही कम आते है. इससे इतर हिंदी, इतिहास जैसे विषयों में भी उसे बहुत अच्छे नंबर मिले है. हालांकि जब गणेश के बारे में जानकारी जुटाई गई तो सामने आया कि 24 साल के गणेश ने अब जाकर अपनी 12वीं की परीक्षा पास की है. अमूमन इस उम्र में कोई भी युवा नौकरी करने लगता है. बहरहाल, पहले तो रिजल्ट में टॉपर घोषित होने के बाद गणेश लापता हो गए, लेकिन बाद में मीडिया में उनके कुछ बयान आए.

पत्रकारों से बातचीत में गणेश ने अपनी सफलता का राज अपनी कड़ी मेहनत और लगन से की गई पढ़ाई को बताया. लेकिन जब उनके संगीत से जुड़े कुछ सवाल पूछे गए तो उनका सारा ज्ञान सामने आ गया. आज तक न्यूज चैनल के संवाददाता ने जब उससे पूछा कि आपने संगीत के प्रेक्टिकल में अच्छे अंक हासिल किए हैं ऐसे में उनका संगीत का ज्ञान भी अच्छा होगा, तो गणेश ने हां में जवाब दिया, लेकिन जब उनके गाने के अंतरा और मुखड़ा के बारे में पूछा गया तो मानों सांप सुंध गया हो…गणेश से कुछ कहते नहीं बना. बाद में उनके ढोलक बजवाई गई लेकिन उसमें न सुर था ना ताल. यानि न तो उनके संगीत का पता था न सुर ताल का. इसके बाद उनसे इतिहास से जुड़े कई सवाल पूछे गए, जिसमें से कुछ के उन्होंने सही जवाब दिए तो कुछ ने उनकी कलई खुल गई.

इतना ही नही बिहार बोर्ड ने इस बार ऐसे कई छात्रों को फेल कर दिया है, जिन्होंने आईआईटी और इंजीनियरिंग के लिए दी जाने वाली परिक्षाओं को तो पास कर लिया, लेकिन बिहार बोर्ड ने उन्हें फिजिक्स, कैमिस्ट्री में 5-10 नंबर ही दिए है. कुछ छात्रों ने तो अपनी मार्कशीट में इस कदर धांधली बताई कि उन्होंने जिस विषय की परीक्षा दी ही नहीं उनकी मार्कशीट में उन्हें अच्छे नंबरों से पास दिखाया गया है.इतना ही नही बिहार बोर्ड ने इस बार ऐसे कई छात्रों को फेल कर दिया है, जिन्होंने आईआईटी और इंजीनियरिंग के लिए दी जाने वाली परिक्षाओं को तो पास कर लिया, लेकिन बिहार बोर्ड ने उन्हें फिजिक्स, कैमिस्ट्री में 5-10 नंबर ही दिए हैं। कुछ छात्रों ने तो अपनी मार्कशीट में इस कदर धांधली बताई कि उन्होंने जिस विषय की परीक्षा दी ही नहीं उनकी मार्कशीट में उन्हें अच्छे नंबरों से पास दिखाया गया है