उत्तराखंड के पहाड़ों में लगातार बादल फटने से जीवन अस्त-व्यस्त, गाड़-गदेरे उफान पर

मानसून ने अभी तक केरल के तट पर भी दस्तक नहीं दी है, लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में कई दिनों से बादल लगातार कहर बरपा रहे हैं. मौसम में आया यह बदलाव लोगों को डरा रहा है.

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले तीन दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की संभावना है. वहीं रविवार की रात अल्मोड़ा जिले की चौखुटिया तहसील के खीड़ा क्षेत्र में बादल फटने से उफान पर आए बरसाती नालों ने तबाही मचा दी.

यहां एक गोशाला ढह गई और वहां बंधे मवेशी मलबे में दब गए. एक घर की दीवार धंस गई, जबकि कई घरों को नुकसान पहुंचा. बड़े पैमाने पर खेत मलबे से पट गए.

तीन दिन पहले भी चौखुटिया क्षेत्र में बादल फटा था. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में भी हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम बना रह सकता है. चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल व पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी है.

अल्मोड़ा में विकासखंड बेतालघाट के हली गांव में पहाड़ियों में रविवार की रात बादल फट गया. इससे पहाड़ी से बहकर मलबे के साथ बड़े-बड़े बोल्डर आबादी की ओर गिरे.

आनन-फानन ग्रामीण घरों से निकलकर एक सुरक्षित स्थान की ओर चले गए. मलबा खेतों और गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर भर गया. सड़क बंद होने से आडू, पूलम आदि फल किसान मंडी नहीं पहुंचा सके. पहाड़ी से बहकर आए मलवे में एक पिकअप वाहन भी फंस गया.

रविवार देर शाम हुई मूसलाधार बारिश के बाद अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से हली, हरतपा, रामगढ़ आदि गांवों को जोड़ने वाला मोटर मार्ग भी जगह-जगह मलबे के कारण बंद हो गया. इससे ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट में रविवार की देर शाम भयंकर ओलावृष्टि व बारिश से दूनागिरी में जहां दो मकानों की छत टूट गईं, वहीं भंयकर ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी.

यहां रतखाल निवासी भोपाल राम पुत्र जयराम के मकान की छत टूट गई. जबकि गांव के ही कुंवर सिंह पुत्र दुर्गा सिंह के मकान की छत भयंकर आंधी में उड़ गई.

वहीं भयंकर ओलावृष्टि से रतखाल, खोलियाबांज, चरी, टोढरा, नायल तथा दुधोली ग्राम पंचायतों में आलू, पत्ता गोभी, मूली की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है. जबकि नींबू, माल्टा सहित अन्य पेड़ों के फूल सहित पूरी पत्तियां भी इस ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गईं.