चितई और डानागोलू मंदिर के पास बनेगी पार्किंग, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला अल्मोड़ा की अपनी एक अलग पहचान हैं. विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह ने कहा, यहां धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमें धार्मिक स्थलों पर वाहन पार्किग स्थलों को विकसित करना होगा.

रघुनाथ सिंह ने शनिवार को चितई व डानागोलू मंदिर के समीप प्रस्थावित पार्किग स्थलों के संयुक्त निरक्षण के दौरान कही उन्होनें कहा कि न्यायकारी देवता चितई गोलज्यू के मंदिर प्रति वर्ष अनेक श्रद्धालु व पर्यटक आते हैं. इसकी पहचान देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी हैं. अपनी मनोती पूर्ण होने के पश्चात यहां हजारों की संख्या में लोग आते हैं.

विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु व विभिन्न अवसर पर आयोजित विवाह समारोहों में भारी भीड़ होने से वाहन पार्किंग की असुविधा होती हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी व वनाधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी के साथ व्यापक विचार विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया कि इन चयनित स्थानों पर पार्किंग निर्माण किया जाए.

विधानसभा उपाध्यक्ष ने मंदिर कमेटी व वहां के समीपस्थ लोगों व ग्राम प्रधान चितई पंत के साथ व्यापक विचार विमर्श किया गया और सभी ने इस पर सहर्ष सहमति प्रदान कि इस अवसर पर उपस्थित जिलाधिकारी सविन बंसल को उन्होनें ने निर्देश दिए कि इसका तुरंत मानचित्र व आकलन तैयार कराया जाए, ताकि पार्किंग निर्माण हो सके.

उन्होने यह भी कहा कि मंदिर के समीप पार्किंग स्थल का निर्माण स्वयं विधायक निधि व अन्य योजना से बनाने का प्रयास करेंगे तथा डानागोलू के समीप पार्किंग स्थल के प्रस्ताव हेतु राज्य सैक्टर में रखने का प्रयास किया जाएगा. जिलाधिकारी संविन बंसल ने आष्वस्त किया कि शीघ्र ही इस कार्य के लिए ठोस निर्णय लिया जाएगा तथा वन विभाग व लोक निर्माण विभाग के साथ बैठक कर कार्यवाही कि जाएगी, इस मौके पर उपस्थित वनाधिकारी एस.के. प्रजापति ने कहा कि वन विभाग कि ओर से किए जाने वाली कार्यवाही को तुरन्त अमल में लाया जाएगा.

इस संयुक्त निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी विवेक राय ब्लॉक प्रमुख सूरज सिराड़ी कैलाश गुरानी धर्मेद्र बिष्ट, बी.पी. कोठारी, अर्जुन सिंह मंदिर कमेटी के संतोष सहित अन्य सदस्य ग्राम प्रधान पुष्पा पंत सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे. इसके बाद उन्होंने पेटशाल में उत्तराखंड लोक कला एवं साहित्य संरक्षण ट्रस्ट का निरीक्षण कि और उसके संस्थापक जुगल किशोर पेटशाली द्वारा संग्रहित संग्रहालय की प्रशंसा की.

उन्होंने जिलाधिकारी को कहा कि प्रशासन द्वारा इस तरह के कार्यों को प्रोत्साहित किया जाए, इसके बाद उन्होनें खत्याड़ी में जाकर जनता से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके निदान की बात कही.

– मुकेश शर्मा