एंटी रोमियो अभियान के तहत भाई-बहन को पकड़ना और रिश्वत लेना पड़ा भारी, दो पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पुलिस विभाग खासा एक्टिव नजर आ रहा है. तेजी दिखाने के चक्कर में पुलिस के एंटी रोमियो अभियान के दौरान एक युवक और उसकी रिश्ते की बहन को पकड़ लिया, जो पुलसकर्मियों को ही भारी पड़ा. भाई-बहन का कथित तौर पर उत्पीड़न करने और उनसे रिश्वत लेने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. यह कार्रवाई वाकिये के चार दिन के अंदर एंटी-रोमियो पहल का दुरुपयोग करने पर की गई है.

पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने कहा कि सब-इंस्पेक्टर संजीव गिरी और सिपाही विमल ने एक युवक और उसके चाचा की लड़की को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे हशमत गांव से रामपुर दवा खरीदने आए थे. दोनों की उम्र करीब 18 वर्ष है.

उन्होंने बताया, ‘पुलिसकर्मियों ने कहा कि उन्होंने एंटी रोमियो अभियान के तहत उन पर कार्रवाई की और उन्हें एक थाने में पांच घंटे से ज्यादा समय तक रखा गया.’ उन्होंने कहा कि उनके रिश्तेदारों के आने और यह बताने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें नहीं जाने दिया कि वे प्रेमी युगल नहीं बल्कि रिश्तेदार हैं. अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कथित तौर पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी. रिश्तेदारों ने रिश्वत दे दी और इसका वीडियो भी बना लिया.

इसके बाद उन्होंने स्थानीय विधायक और मंत्री बलदेव सिंह औलख से संपर्क किया, जिन्होंने पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि वीडियो देखने और प्रारंभिक जांच के बाद सोमवार को उन्होंने आरोपी सब-इंस्पेक्टर और सिपाही को निलंबित कर दिया.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साफ-साफ कह चुके हैं कि एंटी-रोमियो के नाम पर लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए.