शराब पर लगाम लगाएगी सरकार, पलायन रोकने पर भी फोकस : मुख्यमंत्री

पूर्ण नशाबंदी से अपने हाथ खींचते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में कहा कि सरकार एक लंबी योजना के जरिए शराब को नियंत्रित करने की कोशिश करेगी.

राज्यपाल के अभिभाषण पर रखे गए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जनता और सदन की मंशा से वह भलीभांति परिचित हैं और शराब को धीरे-धीरे कम किया जाएगा. इस संबंध में कई सदस्यों द्वारा जतायी गई चिंता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगले पांच-सात साल की लंबी प्लानिंग से हम इसे नियंत्रित कर लेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘इसके लिए हम जनजागरण करेंगे और विभिन्न समुदायों के धार्मिक गुरुओं जैसे पंडित, पुरोहित, काजी और पादरियों का भी सहयोग लिया जाएगा.’ उन्होंने कहा कि उन्होंने कल ही कुछ काजियों और पादरियों से भी बात की है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम शराब को नियंत्रित करेंगे.’ विकास के मुददे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 12000 हजार करोड रुपये की लागत से बनने वाली चारधाम आलवेदर सड़क परियोजना का काम शुरू हो चुका है और इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भूमि अधिग्रहण में आने वाली दिक्कतों को दूर करने को कहा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित कर दिया है.

ऋषीकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस पर भी भूमि अधिग्रहण का काम बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद रेल कर्णप्रयाग तक जाती दिखेगी. उन्होंने कहा, देहरादून स्थित जौलीग्रांट हवाई अडडे को भी अंतरराष्टीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा. इससे पर्यटन को बढावा मिलेगा और गंगा जल लेने को तत्पर रहने वाले संसार भर के 120 करोड़ हिंदुओं को इससे सुविधा होगी.

मुख्यमंत्री ने पलायन रोकने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में विधानसभा की एक समिति का गठन करने की भी घोषणा की. इस समिति में कुछ विशेषज्ञों के अलावा महिला कल्याण और बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत भी होंगे. उन्होंने कहा कि यह समिति इस विषय पर महत्वपूर्ण सुझाव देगी, जिससे सरकार एक विशेष कार्ययोजना के तहत पलायन रोकने का कार्य करेगी.

भ्रष्टाचार पर उन्होंने कहा, ‘इस संबंध में सरकार ने अपनी मंशा पहले ही बता दी है. उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर गंभीर है और किसी भी विषय को जांच के दायरे में लाने के लिए हम शीध्र ही लोकायुक्त का गठन करेंगे, जिससे तटस्थ जांच हो. स्थानांतरण विधेयक के तहत तबादलों में होने वाली घपलेबाजी और सिफारिशें खत्म हो जाएंगी.’

प्रदेश के पब्लिक स्कूलों की फीस की मनमानी पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनायी है, जो इस विषय पर काम करेगी ताकि कोई भी स्कूल मनमाने तरीके से लोगों का परेशान न कर सकें. त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए उनकी सरकार शीघ्र ही रोजगार और कौशल विकास मंत्रालय का गठन करेगी.