हरीश रावत ने दी कांग्रेस विधायकों को नसीहत, चुनाव में हार की जिम्मेदारी ली

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उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों के सम्मान समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी की करारी हार की जिम्मेदारी ली है. इस मौके पर उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा तो एक वरिष्ठ नेता के तौर पर विधायकों को नसीहतें भी दीं.

हरीश रावत ने कहा, हमें न ऐसी हार का अंदेशा था और न बीजेपी को ऐसी जीत की उम्मीद. यह हार अलग तरह की है, जिसे हम समझ नहीं पाए.

उन्होंने कहा कि बीजेपी का चाल और चरित्र अलग है और जनता की भावनाओं को भड़काकर गलत तरीके से सत्ता प्राप्त की है. खैर इस हार की जिम्मेदारी मैं लेता हूं.

उन्होंने कहा कि राजनीति में बदलाव आते रहते हैं, इससे विचलित होने की जरूरत नहीं है. जनता ने हमें विपक्ष का दायित्व सौंपा है, जिसका निर्वहन करना है. विधायक सदन में होमवर्क कर पूरी तैयारी के साथ जाएं. सिर्फ अपने क्षेत्र ही नहीं बल्कि राज्य की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएं. सदन के बाहर जनसरोकारों की लड़ाई लड़ें.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस के कंधों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. क्योंकि ऐसी पार्टी को सत्ता मिली है, जिसका कभी भी लोकतंत्र में विश्वास नहीं रहा. विधायक जनता के बीच जाएं. उनकी समस्याएं सुनें और समाधान का पूरा प्रयास करें.

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने विधायकों को पुष्पगुच्छ और शॉल भेंटकर सम्मानित किया.

सम्मान समारोह में वरिष्ठ विधायक इंदिरा हृदयेश, गोविंद सिंह कुंजवाल, प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन, करन माहरा, फुरकान अहमद, हरीश धामी, ममता राकेश, राजकुमार, आदेश चौहान, मनोज रावत के अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह, मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान, लालचंद शर्मा, डॉ. आनंद सुमन, राजेंद्र सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे.

भगवानपुर विधायक ममता राकेश को जान से मारने की धमकी मिलने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि विधायक का सुरक्षित नहीं होना चिंता का विषय है. सभी विधायक एक-दूसरे से समन्वय बनाकर रखें. इसके लिए वाट्स एप ग्रुप भी बनाया जा सकता है.