उत्तराखण्ड में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के लिए 7 नए प्रस्तावों की स्वीकृति

देहरादून, 662 करोड़ रुपये के 13 प्रस्तावों पर स्वीकृति के 15 दिन बाद केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को राहत देते हुए बाकी बचे आठ में से 215 करोड़ रुपये के सात नए प्रस्तावों पर भी मुहर लगा दी है. शुक्रवार को दिल्ली में हुई बैठक में योजनाओं पर स्वीकृति मिल गई.

उत्तराखंड में नमामि गंगे प्रोजेक्ट पर पिछले तीन साल से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी.पहले केंद्र सरकार इन करीब 900 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को अपनी कार्यदायी संस्था से कराने का प्रयास कर रही थी। लेकिन, पेयजल निगम व राज्य सरकार चाहती थी कि यह कार्य निगम की ओर से किया जाए.

काफी जिद्दोजहद के बाद 15 दिन पहले केंद्र सरकार ने 662 करोड़ रुपये के 13 प्रस्तावों पर मंजूरी दे दी थी, जबकि शेष आठ प्रस्तावों में खामियां निकालते हुए रोक लगा दी गई थी। इसके बाद पेयजल निगम ने 225 करोड़ रुपये के इन प्रस्तावों पर दोबारा मेहनत की और शुक्रवार को दिल्ली में हुई नमामि गंगे की बैठक में इन्हें पेश किया.

निगम की तैयारियों से संतुष्ट केंद्र सरकार ने इनमें से 215 करोड़ रुपये के सात प्रस्तावों पर स्वीकृति दे दी है. जबकि, दस करोड़ रुपये के एक श्रीकोट गंगनानी प्रस्ताव पर फिलहाल मंजूरी देने से मना कर दिया गया है। निगम का कहना है कि केंद्र से पैसा जारी होने के साथ ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक भजन सिंह का कहना है कि नमामि गंगे के तहत शुक्रवार को सात नई योजनाओं पर स्वीकृति मिल गई है.13 योजनाओं पर पूर्व में स्वीकृति दे दी गई थी. अब सिर्फ श्रीकोट की एक योजना पर स्वीकृति मिलनी बाकी है.
इन प्रस्तावों पर लगाई रोक

शहर———————–बजट
बदरीनाथ—————-18.23
गोपेश्वर—————–61.83
नंदप्रयाग—————6.46
श्रीनगर—————–22.74
मुनिकीरेती————85.60
स्वर्गाश्रम—————-5.00
श्रीनगर अपग्रेडेशन—-5.40
कुल——————215.26
(नोट: बजट करोड़ रुपये में)