अब केंद्र सरकार के सभी प्रोजेक्ट में लागू होगा वेंचर कैप्चर फाइनैंसिंग

सरकार ने तय किया है कि वह अप्रैल से सभी इन्फ्रस्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स के मामले में वेंचर कैप्चर फाइनैंसिंग (VCF) पॉलिसी लागू करेगी. इसके जरिए सरकार उस प्रीमियम को रिकवर कर सकेगी, जो सरकारी इन्वेस्टमेंट से प्राइवेट लैंडओनर्स के हाथ में जाता है.

फाइनैंस मिनिस्ट्री ने सभी मंत्रालयों और विभागों को भेजे एक नोट में कहा है, ‘सरकार ने तय किया है कि वीसीएफ को केंद्र सरकार के सभी प्रॉजेक्ट्स की डीटेल्ड प्रॉजेक्ट रिपोर्ट का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा.’फाइनैंसिंग के इस उपाय यानी वीसीएफ का दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल होता है. इसका आधार यह दलील है कि सरकार पब्लिक इन्फ्रस्ट्रक्चर डिवेलप करने में मोटा निवेश करती है, जिससे संबंधित इलाके में आर्थिक विकास को रफ्तार मिलती है और वहां जमीन की कीमतें उछल जाती हैं. वीसीएफ पॉलिसी लागू करने का मतलब इस बढ़ोतरी में से अतिरिक्त करों और अन्य उपायों के जरिए उचित हिस्सा लेना है. सरकार फिर ऐसी रकम का उपयोग उसी इलाके में भविष्य में दूसरे इन्फ्रस्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स की फंडिंग में करेगी.

सरकार ने छह महीने तक इस नीति के बारे में विचार-विमर्श किया और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की। उसके बाद इसे लागू करने का निर्णय किया गया है. मंत्रालय और विभाग वह तरीका तय करेंगे, जिसके जरिए हर प्रॉजेक्ट में वीसीएफ पॉलिसी को लागू किया जाएगा. हर प्रॉजेक्ट प्रपोजल को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड और डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड के सामने रखा जाएगा, जिनमें ये ब्योरे होंगे.

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने मंत्रालयों और विभागों को भेजे नोट में लिखा है, ‘यह तय किया गया है कि सेक्रटरी (एक्सपेंडिचर) की अध्यक्षता वाला पीआईबी और संबंधित प्रशासनिक विभाग की अगुवाई वाला डीआईबी राज्यों में चालू किए जाने वाले केंद्र सरकार के किसी प्रॉजेक्ट पर विचार करते वक्त यह देखेंगे कि प्रस्ताव की अगुवाई करने वाले मंत्रालय/विभाग ने वीसीएफ पर विचार किया है या नहीं.’

देश में पहली बार वीसीएफ पॉलिसी बनाई जा रही है और केंद्र उसे लागू करने जा रहा है. इस पॉलिसी में लैंड वैल्यू इन्क्रिमेंट टैक्स, लैंड यूज को ऐग्रिकल्चरल से नॉन-ऐग्रिकल्चरल में बदलने के लिए फीस और एरिया बेस्ड बेटरमेंट चार्ज जैसे कुछ फाइनैंसिंग टूल्स के ब्योरे तो दिए गए हैं, लेकिन किसी खास तरीके का सुझाव नहीं दिया गया है. हर प्रॉजेक्ट का आकलन किया जाएगा और इलाके के आधार पर कई टूल्स आजमाए जा सकते हैं