उत्तराखंड के 12 गांव होने जा रहे हैं स्मार्ट

  1. दून को स्मार्ट सिटी बनने में वक्त लगे,लेकिन देहरादून के 12 गांव स्मार्ट बनने जा रहे है. केंद्र सरकार के श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के तहत अठूरवाला कलस्टर के लिए डीपीआर मंजूर मिल गई है. इस पर एक अरब से ज्यादा का खर्च आएगा.विकास विभाग ने जिले से ईस्ट होप टाउन और बालावाला कलक्टर का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था.

कलस्टर में पांच किलोमीटर परिधि में पड़ने वाले गांवों को शामिल किया गया है. मिशन के तहत गांवों में बुनियादी ढांचा तैयार करने के साथ रोजगार के लिए आर्थिक गतिविधियां शुरू की जाएंगी.

आठ महीन पहले केंद्र सरकार ने कलस्टर में चिह्नित गांवों की आबादी, मौजूदा सुविधाएं, साक्षरता, बालिकाओं का स्कूलों में नामांकन आदि जानकारी मांगी थी. एक कलस्टर में 25 से 50 हजार को कवर किया था. निर्धारित फार्मेट के साथ उक्त जानकारी गूगल मैप के जरिये भी भेजी गई थी. इस योजना में शहर और गांव के बीच सुविधाओं का अंतर खत्म करना है. केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ) रुड़की इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सहयोगी संस्थान है और साडा (दून घाटी विकास प्राधिकरण) की भी भूमिका रहेगी.

ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मिशन को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है. प्रत्येक साल केंद्र से 10-10 करोड़ रुपये के हिसाब से 30 करोड़ रुपये मिलेंगे. कुल एक अरब नौ करोड़ रुपये की डीपीआर है. शेष पैसा का प्रबंध जिला योजना, उद्यान मिशन, एनआरएचएम, सर्व शिक्षा अभियान समेत केंद्र की तमाम योजनाओं से होगा। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है.

ये गांव होंगे स्मार्ट
अठूरवाला कलस्टर
अठूरवाला, माजरी ग्रांट, भानियावाला, कनहार वाला, जौलीग्रांट, रानीपुर ग्रांट, संगटिया, रैनापुर ग्रांट, लिस्टराबाद, रानी पोखरी, रानी पोखरी ग्रांट, फतेहपुर डांडा

इस आधार पर हुआ चयन

  • दशक के दौरान आबादी में हुई वृद्धि
  • भूमि की कीमतों में वृद्धि
  • दशक में गैर-कृषि कार्यों में वृद्धि
  • आर्थिकी का प्रमुख जरिया
  • माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं के नामांकन का प्रतिशत
  • प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत बैंक खाते वाले परिवारों का प्रतिशत
  • परिवहन सेवाओं की स्थिति
  • स्वच्छ भारत मिशन में निष्पादन
  • ग्राम पंचायतों द्वारा सुशासन की पहलें

ये है उद्देश्य

  • शहर और गांव के बीच सुविधाओं का अंतर खत्म करना
  • आर्थिक गतिविधियों को कौशल विकास से जोड़ने
  • सड़क, इंटरनेट, बिजली, डिजिटल साक्षरता और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना
  • 24 घंटे जलापूर्ति
  • स्ट्रीट लाइट्स युक्त गांव
  • बेहतर सार्वजनिक परिवहन सेवा
  • शिक्षा के स्तर को बढ़ाना

इन्हें हाथ लगी निराशा
ईस्ट होप टाउन कलस्टर: ईस्ट होप टाउन, कारबारी ग्रांट, पेलियो, नथुआवाला, अंबीवाला, सेंट्रल होप टाउन, झाझरा, बंसीवाला, केशोवाला
बालावाला कलस्टर: बालावाला, नकरौंदा, मियांवाला, मोहकमपुर काला, मोहकमपुर खुर्द, माजरी माफी, हर्रावाला, काली माटी, बरासी ग्रांट, रायपुर