रेल मंत्रालय का नया ‘विकल्प’ अप्रैल से | वेटिंग लिस्ट के यात्री कर सकेंगे राजधानी-शताब्दी का सफर

भारतीय रेल

नई दिल्ली, रेल मंत्रालय नए रिजर्वेशन सिस्टम विकल्प या एक विकल्पीय ट्रेन अकॉमोडेशन स्कीम (एटीएएस) को 1 अप्रैल से लागू कर देगा. विकल्प स्कीम के तहत अगर किसी यात्री का टिकट वेटिंग लिस्ट में हैं, तो वो राजधानी, शताब्दी या दूसरी प्रीमियम/स्पेशल ट्रेन में यात्रा का विकल्प चुन सकते हैं. इसके लिए यात्री को किसी तरह का अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा. इस नई सर्विस का उद्देश्य बड़े रूट्स पर प्रीमियम ट्रेन्स में खाली सीटों का इस्तेमाल करना है. इसे फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरु किया जाएगा.

विकल्प स्कीम की मुख्य बातें:
1.फिलहाल विकल्प स्कीम सिर्फ ई-टिकट के लिए ही उपलब्ध होगी.
2.वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को विकल्प चुनने का अवसर दिया जाएगा। इसमें उन्हीं यात्रियों को दूसरी ट्रेन में टिकट दी जाएगी, जो चार्ट बनने के बाद भी पूरी तरह से वेटिंग लिस्ट में रहते हैं.
3.यात्रियों से इसके लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। साथ ही किराए में फर्क होने पर रिफंड भी नहीं दिया जाएगा.
4.किसी दूसरी ट्रेन में सीट मिलने पर साधारण यात्री की सुविधा मिलेगी और वह अपग्रेड करने के योग्य होगा.
5.विकल्प स्कीम चुनने वाले वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को चार्ट बनने के बाद पीएनआर स्टेटस चुनना होगा। दूसरी ट्रेन में सीट मिलने पर वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को ओरिजिनल ट्रेन में चढ़ने का विकल्प नहीं मिलेगा.
6.जिन्हें दूसरी ट्रेन में सीट मिली है, उन्हें ओरिजिनल ट्रेन में वेटिंग लिस्ट चार्ट में नहीं गिना जाएगा.
7.जब विकल्प चुनने वाला कोई यात्री सीट मिलने के बाद कैंसिल करने का विकल्प चुनते हैं, तो कैंसिलेशन के नियम पहले की तरह ही अप्लाई होंगे.