धर्मशाला की पिच ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन

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धर्मशाला, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का आखिरी और चौथा टेस्ट मैच शनिवार से धर्मशाला में खेला जाना है. अभी तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं. इस लिहाज से धर्मशाला के टेस्ट मैच का महत्व बढ़ गया है. धर्मशाला को लेकर भारतीय टीम जहां पिच के स्वभाव को लेकर चिंतित है, वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम यहां की पिच को लेकर उत्साहित है.
अब धर्मशाला के पिच क्यूरेटर सुनील चौहान ने भारतीय खेमे को चिंतित करने वाला बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि पिच में पर्याप्त उछाल मौजूद रहेगी। आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के बल्लेबाज और गेंदबाज इस तरह की पिचों की आदी हैं.
चौहान ने आगे कहा कि उन्हें बीसीसीआइ की ओर से पिच को लेकर किसी भी तरह का आग्रह नहीं मिला है. चौहान ने कहा है, ‘आज तक मुझे किसी ने भी कोई निर्देश नहीं दिया है। मैंने हमेशा विकेट के स्वभाव को देखकर ही इसे तैयार किया है। यह एक बाउंसी विकेट होगा और यहां पर कट और पुल शॉट खेलने वाले बल्लेबाजों के लिए आसानी रहेगी। इसी मैदान पर रोहित शर्मा ने टी20 मैचों में शतक बनाया था.’

चौहान ने उम्मीद जताई है कि पिच में पांच दिनों तक खेल होगा. उन्होंने कहा, ‘धर्मशाला में हमने हमेशा रिजल्ट देने वाली पिच बनाने की कोशिश की है. इस सीजन की रणजी ट्रॉफी में भी चौथे दिन के लंच के बाद नतीजा आ गया था. ट्रेंड बताता है कि यहां तेज गेंदबाजों को ज्यादा विकेट मिलेंगे. मध्य प्रदेश के इश्वर पांडे और बंगाल के अशोक डिंडा को रणजी मैचों में काफी विकेट मिले थे.’

उन्होंने कहा कि हर सीजन में पिच के ऊपर की मिट्टी बदली जाती है ताकि पिच टूटने से बची रहे। उन्होंने कहा है, ‘लुधियाना में खास तरह की मिट्टी मिलती है जिसे हम पिछले कुछ समय से इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे हमें ट्रैक को बांधे रखने में मदद मिलती है.’