मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया ऑफिसों में गुटखा-प्लास्टिक पर रोक का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पुलिस अधिकारियों से बूचड़खाने बंद करने के लिए एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा है. खबरों के अनुसार, गो-तस्करी पर भी पूरी तरह से बैन लगाने के लिए कहा गया है. वहीं, लोकभवन व सचिवालय में गुटखा-पान पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए गए हैं.

लोकभवन व सचिवालय में गुटखा और पान पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. यदि कोई खाता पाया गया तो उससे जुर्माना भी वसूला जाएगा. मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अवैध रूप से शव दफन करने के मुद्दे पर भी प्लान बनाने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने बुधवार को पहली बार एनेक्सी का दौरा किया और पांचवें फ्लोर का निरीक्षण किया.

केशव प्रसाद मौर्य ने संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री ने लोकभवन के सभी तलों का निरीक्षण करके निर्देश दिए कि परिसर में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाया जाए. सत्ता परिवर्तन के बाद सचिवालय भवन की व्यवस्था में भी बदलाव दिखना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों से कहा है कि वे स्वयं स्वच्छता का ध्यान रखें. पान गुटखा इत्यादि खाकर परिसर में गंदगी न करें. सरकारी कार्यों के चलन से प्लास्टिक को दूर करें. प्लास्टिक के सामान का भी कम से कम प्रयोग करें. मौर्य ने कहा कि सरकार काम करना शुरू कर रही है. प्रतीक्षा करें, अभी काफी परिवर्तन दिखेगा.

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद रात 12 बजे से पहले सभी बूचड़खाने बंद किए जाने के बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर अमल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा चैनलों में खबर दिखायी गयी है कि कई बूचड़खाने बंद कर दिए गए हैं.

इसके पहले योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने, स्लाटर हाउस बंद करने कर्मचारियों को समय से आफिस पहुंचने का आदेश दे चुके हैं. इसके पहले योगी आदित्यनाथ ने यूपी का मुख्यमंत्री बनते ही मंत्रियों को अनाप-शनाप बयान से दूर रहने को कहा था.

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को दो टूक कहा है कि वह किसी भी दशा में मीडिया में या किसी कार्यक्रम में बयानबाजी नहीं करेंगे. ऐसा करने पर सरकार व संगठन की ओर से कार्रवाई का निर्णय भी लिया जा सकता है. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी मंत्रियों को 15 दिन के अंदर संपत्ति का ब्योरा देने का निर्देश दिया है और इसके बाद अधिकारियों को अपनी संपत्ति की धोषणा करने का आदेश दिया था.