देहरादून : कैबिनेट मंत्री ने बचाई विवाहिता की आबरू

सांकेतिक फोटो

देहरादून, नई सरकार के कार्यभार संभालने के पहले ही दिन राजधानी में एक बड़ा अपराध होने से बच गया और वह भी संवैधानिक संस्था के कार्यालय में. सूचना का अधिकार से संबंधित मामले की अपील के सिलसिले में पिथौरागढ़ जिले से देहरादून के रिंग रोड स्थित सूचना भवन पहुंचे दंपती को बंधक बनाकर चार लोगों ने महिला से दुष्कर्म की कोशिश की.

गनीमत ये रही कि महिला के पति ने किसी तरह कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत को फोन कर वाकये की जानकारी दे दी. मंत्री की सक्रियता के बाद हरकत में आई पुलिस ने मौके पर पहुंच चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इनमें से तीन कार्यालय में ही काम करते हैं, जबकि एक चाय की ठेली लगाता है. आमजन के प्रति मंत्री की सुलभता व सतर्कता के साथ ही पुलिस की सक्रियता से बड़ी अनहोनी टल गई.इस मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए मंत्री प्रकाश पंत ने पुलिस की पीठ भी थपथपाई. उधर, पुलिस ने मामले में पकड़े गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया.

घटना रविवार रात करीब 11 बजे के आसपास की है. जिला पिथौरागढ़ निवासी एक दंपती सूचना का अधिकार की अपील के सिलसिले में ङ्क्षरग रोड स्थित सूचना का अधिकार भवन पहुंचा. हालांकि, तारीख सोमवार को थी, मगर वक्त पर उपस्थित होने के मद्देनजर वे एक दिन पहले रविवार दोपहर बाद ही वहां पहुंच गए. कार्यालय में उन्हें दो लोग मिले। इन्होंने शहर दूर होने का हवाला देते हुए दंपती को रात में कार्यालय में ही रुकने का प्रस्ताव दिया. पति-पत्नी उनके झांसे में आ गए.

आरोप है कि रात में भोजन के बाद कार्यालय में पहले से मौजूद दोनों लोगों ने अपने दो अन्य साथियों को भी बुला लिया. लेकिन, दंपती उनके इरादे नहीं भांप पाया. आरोप है कि चारों लोगों ने महिला से छेड़छाड़ व जोर-जबरदस्ती शुरू कर दी. विरोध करने पर उन्हें बंधक बना मारपीट भी की गई. इसके बाद महिला के पति ने जैसे-तैसे काबीना मंत्री प्रकाश पंत को फोन कर सूचना दी.
इससे एक बारगी तो कैबिनेट मंत्री भी भौचक रह गए. उन्होंने तुरंत फोन पर एसएसपी स्वीटी अग्रवाल को कार्रवाई के निर्देश दिए. एसएसपी ने भी तत्काल पुलिस टीम गठित कर मौके पर भेज दी. पुलिस ने सूचना का अधिकार भवन पहुंच कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर दंपती को छुड़ाया.

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान जगमोहन सिंह चौहान पुत्र गोविंद सिंह, अनिल रावत पुत्र घनश्याम (आदर्श कॉलोनी रायपुर), हरि सिंह पटवाल पुत्र हुकुम सिंह (अपर नत्थनवाला) और जगदीश सिंह पुत्र शेर सिंह (दून हिल्स कॉलोनी ङ्क्षरग रोड) के रूप में हुई। जगमोहन सूचना आयोग कार्यालय में चपरासी, हरिसिंह गार्ड व अनिल ड्राइवर हैं, जबकि जगदीश पास ही चाय की ठेली लगाता है. मामले में महिला के पति की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है.

यह कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत की सादगी और सरलता ही थी कि रात 11 बजे आई फोन कॉल को उन्होंने न सिर्फ उठाया, बल्कि पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए। यदि मंत्रीजी का फोन नहीं उठता तो दंपती के साथ अनहोनी हो सकती थी. वजह ये कि इस दंपती का यहां कोई परिचित भी नहीं था, जिसे वह फोन कर पाता. बताया जा रहा है कि चारों आरोपी नशे में धुत थे. यदि पुलिस तत्काल मौके पर नहीं पहुंचती तो सूचना का अधिकार भवन एक शर्मसार कर देने वाली घटना का गवाह बन जाता।

मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में काबीना मंत्री प्रकाश पंत ने इस घटनाक्रम का ब्योरा दिया. उन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए देहरादून पुलिस की सराहना की और कहा कि उसकी सक्रियता से बड़ी अनहोनी टल गई.