पिथौरागढ़ : भारी बर्फबारी के बाद बर्फीले तूफान से उच्च हिमालयी क्षेत्र में छाई धुंध

मार्च का महीना भी अपने अंतिम दिनों में पहुंच गया है, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी का दौर अब भी जारी है. हिमपात बाद सोमवार सुबह चार बजे से बर्फीला तूफान आया. इस कारण उच्च हिमालय में धुंध छा गई.

सोमवार सुबह चार बजे से पंचाचूली, राजरंभा, हंसलिंग, नंदादेवी, रालम, मिलम क्षेत्र में बर्फीला तूफान चलता रहा. हिमालय में धुंध छाई रही. प्रशासन के अनुसार तूफान से अभी तक किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है.

इस समय उच्च हिमालय में लोग नहीं रहते है. केवल आइटीबीपी तैनात रहती है. उच्च हिमालय से सटे क्षेत्र के लोगो को सावधानी बरतने को कहा गया है.

इससे पहले रविवार को चमोली से लेकर पिथौरागढ़ तक की चोटियां फिर बर्फ से लकदक हो गईं. बर्फबारी से चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई.

मौसम को लेकर जैसा पूर्वानुमान था, उसने रविवार को वैसा ही रंग दिखाया. चमोली जिले में रविवार को सुबह से सूरज और बादलों की आंखमिचौली के बाद शाम को घटाएं घिर आईं. इसके साथ ही बद्रीनाथ व हेमकुंड साहिब सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी.

रुद्रप्रयाग जिले की बात करें तो वहां भी रविवार को दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदला और फिर केदारनाथ धाम में शुरू हुआ बर्फबारी का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा. यही नहीं, मद्महेश्वर व तुंगनाथ घाटी में भी हिमपात हुआ. जिले में कई स्थानों पर जोरदार बारिश भी हुई.

पिथौरागढ़ जिले में भी दोपहर बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र की पंचाचूली, छिपलाकेदार, राजरंभा सहित मिलम, दारमा और व्यास घाटी में हिमपात हुआ. कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में छियालेख से लेकर चीन सीमा लिपूलेक तक देर शाम तक हिमपात का क्रम जारी था. जिले के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई तो कहीं पर तेज गरज के साथ बौछारें पड़ीं.

मौसम के इस रुख से पर्वतीय इलाकों में ठंडक बढ़ गई है. इधर, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर से गुजरे पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय कारकों के सक्रिय होने से पर्वतीय जिलों में बर्फबारी हुई. उन्होंने बताया कि सोमवार से सूबे में मौसम शुष्क रहेगा.