जीएसटी को समझने के लिए देशभर में चर्चा हो : पीएम मोदी

देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली 1 जुलाई से लागू होने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि लोगों को नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था पर चर्चा कर इसे समझने का प्रयास करना चाहिए.

पीएम मोदी ने इंडिया टुडे कॉनक्लेव को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं चाहता हूं कि पूरे देश में जीएसटी पर चर्चा हो और लोग इसे समझने की कोशिश करें. जीएसटी में पूरी प्रक्रिया आपसी सहमति के आधार पर बनाई गई. राज्यों ने इसका स्वामित्व लिया. यह सहकारी संघवाद का एक उदाहरण है.’

जीएसटी परिषद ने सभी पांच मसौदा विधेयकों को मंजूरी दे दी है, जिसमें यूटीजीएसटी (यूनियन टेरेटरी जीएसटी), सीजीएसटी (केंद्रीय जीएसटी), आईजीएसटी (एकीकृत जीएसटी), मुआवजा और एसजीएसटी (राज्य जीएसटी) शामिल है. इसके बाद नई कर प्रणाली के लागू होने का रास्ता साफ हो गया है और अब इसे संसद की मंजूरी की जरूरत है.

इस दौरान एसजीएसटी मसौदा विधेयक को दिल्ली और पुदुच्चेरी से पारित किया जाना बाकी है. यूटीजीएसटी कानून उन केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बनाया गया है, जहां विधानसभा नहीं है. ऐसे प्रदेश हैं – अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली.

जीएसटी परिषद 31 मार्च के बाद जीएसटी के अंतगर्त विभिन्न सेवाओं और उत्पादों की कर की दर तय करेंगे, जिसके लिए चार श्रेणियां 5 फीसदी, 12 फीसदी, 15 फीसदी और 28 फीसदी निर्धारित की गई हैं.