क्या मुसलमानों और पिछड़ों को अलग रखकर आर्थिक तरक्की संभव है : चिदंबरम

पी. चिदंबरम (फाइल फोटो)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय या महिलाओं या पिछड़े समुदायों को अलग रखकर दीर्घकालीन आर्थिक तरक्की सुनिश्चित की जा सकती है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के ‘स्पष्ट विजेता’ के तौर उभरने का उल्लेख करते हुए चिदंबरम ने कहा, ‘यह जीत बीजेपी ने 403 सीटों वाले प्रदेश में एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं देकर हासिल की है जहां 19.3 फीसदी मुस्लिम आबादी है. ऐसे में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे का एक नया और भयावह अर्थ निकला है.’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘उस परिस्थिति की कल्पना करिए जिसमें कोई एक राष्ट्रीय पार्टी किसी महिला को टिकट नहीं दे या उस हालात के बारे में सोचिए जहां एक राष्ट्रीय पार्टी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने से इंकार कर दे.’

उन्होंने ‘द हिंदू सेंटर फॉर पालिटिक्स एवं पब्लिक पॉलिसी’ की ओर आयोजित एक व्यख्यान में यह बात रखी. चिदंबरम ने कहा, ‘मैं आपसे पूछता हूं कि क्या सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय या महिलाओं या अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति को (विधानसभा चुनाव लड़ने से) अलग रखकर दीर्घकालीन आर्थिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है.’