RBI ने दिया होली का तोहफा, बैंक खातों से निकासी की सारी सीमाएं खत्म | अब जितना चाहें उतना पैसा निकालें

रंगों के त्योहार होली के मौके पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देशवासियों को शानदार तोहफा दिया है. एनडीटीवी की खबर के अनुसार सोमवार (13 मार्च) से बचत खाते से मनचाही नकदी निकाल सकेंगे. यानी होली के दिन से बचत खातों से नकदी निकासी की सीमा को खत्म हो गई है. इतना ही नहीं, सोमवार से ही नोटबंदी के बाद विभिन्न खातों से निकासी पर लगाई गई सभी प्रकार की सीमाएं समाप्त हो जाएंगी. अब तक बचत खातों से हर सप्ताह अधिकतम 50 हजार रुपये ही निकाले जा सकते थे.

काले धन और नकली नोटों को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल आठ नवंबर को रात आठ बजे 500 और 1000 के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.

आरबीआइ ने बैंक शाखाओं और एटीएम से नकदी की निकासी पर कई तरह की शर्तें लगा दी थीं. हालांकि, नकदी की स्थिति सुधरने के साथ समय-समय पर इनमें से ज्यादातर को हटाया जाता रहा.

12 मार्च तक सेविंग खातों से नकद निकासी की सीमा 24 हजार रुपए थी. जो भी रकम आप एटीएम से निकालते थे, वह भी सेविंग खाते से निकासी में गिना जाता है.

13 मार्च से बचत खाते से नकद निकासी की सीमा को भी खत्म कर दिया गया. चालू खातों, ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट खातों से निकासी की सीमा 30 जनवरी को ही समाप्त हो गई.

बचत खातों के लिए एक फरवरी से लोगों को अपने खातों से सप्ताह में 24 हजार रुपये निकालने की छूट दी गई थी. इसके बाद 20 फरवरी को नियम जारी किया गया कि ग्राहक एक सप्ताह में 50 हजार रुपये निकाल सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बैंक ने हाल ही में एटीएम से निकासी सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिदिन कर दिया था, लेकिन बचत बैंक खातों के लिए 24,000 रुपये की साप्ताहिक निकासी सीमा को बनाए रखा था.

नोटबंदी के बाद एटीएम से 2000 रुपये रोजाना निकालने की अनुमति थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था. इस सीमा को 31 दिसंबर 2016 को रिवाइज किया गया और 1 जनवरी 2017 से लागू नियम के मुताबिक एटीएम से निकासी की सीमा बढ़ाकर 4500 प्रतिदिन कर दी गई थी.