नहीं टूटा पुराना मिथक | अजय भट्ट की हार और उत्तराखंड में भाजपा की सरकार

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट अल्मोड़ा जिले की रानीखेत सीट से एक बार फिर चुनाव हार गए और एक बार फिर राज्य में बीजेपी की सरकार बन गई. उत्तराखंड के सत्ता के गलियारों में दो मिथक बने हुए हैं और विधानसभा चुनाव 2017 के परिणाम आने के साथ यह मिथक खत्म होने की बजाय और ज्यादा पक्के हो गए.

दो में से एक मिथक तो यह है कि जब भी अजय भट्ट हारते है, तो भाजपा सरकार बनती है और जब-जब भी वह जीतते हैं तो कांग्रेस सत्ता पर काबिज हो जाती है. दूसरे जिस पार्टी को गंगोत्री सीट मिलती है, उसी पार्टी की सरकार बनाती है.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट अल्मोड़ा जिले की रानीखेत सीट पर कांग्रेस के करण माहरा से 4 हजार 981 वोटों से हार गए. पिछली बार जब अजय भट्ट ने जीत दर्ज की थी तो कांग्रेस सत्ता में आ गई थी.

इसके पहले के चुनाव में भी यह सिलसिला बना रहा था. अब पूरे राज्य में भाजपा को बंपर सीटें मिलीं और भाजपा सरकार बनाने की तैयारी कर रही है, लेकिन अजय भट्ट हार गए.

इसी तरह दूसरा मिथक है कि जिसने गंगोत्री सीट जीती वही पार्टी सरकार भी बनाती है. पिछली बार यह सीट कांग्रेस के पास थी, लेकिन इस बार भाजपा के गोपाल रावत ने यहां जीत दर्ज की है. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि उत्तराखंड में ये दो मिथक इस बार भी नहीं टूटे.