एग्जिट पोल देखकर ज्यादा खुश या निराश न हों, ये है इनकी असलियत…

उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद अब सभी को शनिवार 11 मार्च को आने वाले चुनाव परिणामों का इंतजार है. हालांकि, परिणाम आने से पहले तमाम न्यूज चैनलों और सर्वेक्षण एजेंसियों की तरफ से एग्जिट पोल जारी कर दिया गया है. लगभग सभी एग्जिट पोल ने उत्तराखंड सहित तीन राज्यों में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना जतायी है. पंजाब के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में कड़ी टक्कर की बात कही गई है.

इस एग्जिट पोल से लोगों के सामने काफी हद तक इस बात की संभावना बनती है कि कौन से राज्य में किसकी सरकार बनने जा रही है. चुनाव खत्म होने के बाद हर कोई इस बात को जानने को उत्सुक होता है कि उन राज्यों में हुए चुनाव में आखिर किसकी लहर है और कौन सरकार बना रहा है.

इसी उत्सुकता को लेकर लोगों के राय के आधार पर मतदान के बाद अलग-अलग एजेंसियों की तरफ से एग्जिट पोल कराया जाता है. ताकि, इस बात का पता लगाया जा सके कि अमुक राज्य में किसको बढ़त मिल रही है और वाकई में किस पार्टी की क्या स्थिति रहने वाली है.

बता दें कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में लगभग सभी एग्जिट पोल में एनडीए को साफतौर पर बढ़त दिखाई गई थी. एग्जिट पोल में यह कहा गया था कि बीजेपी अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी. हुआ भी बिल्कुल वैसा ही. इस चुनाव में कुल 543 सीटों में से बीजेपी को अकेले 282 सीटें मिली थी, जबकि एनडीए ने कुल 334 सीटों पर जीत हासिल की थी. तो वहीं, कांग्रेस सिर्फ 44 सीटों पर सिमट कर रह गई थी.

बिहार विधानसभा चुनाव में औंधे गिरे एग्जिट पोल
2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद एग्जिट पोल में साफतौर पर एनडीए गठबंधन को बढ़त में दिखाया गया था. लेकिन, जब चुनाव परिणाम सामने आया तो वह चौंकानावाला था. इसमें आरजेडी और जेडीयू के महागठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला. 243 सीटों वाली विधानसभा में महागठबंधन को 178 सीटों के साथ भारी बहुमत मिला था.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी एग्जिट पोल की पोल खुली
दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद अधिकतर एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त दिखाई गई थी. लेकिन, एक बार नहीं बल्कि दोनों ही बार हुए दिल्ली के विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल पूरी तरह से गलत साबित हुए थे. जबकि, आम आदमी पार्टी ने राजधानी दिल्ली में हुए दोनों विधानसभा चुनाव के बाद अपनी सरकार बनायी थी.

फिर वही सवाल… एग्जिट पोल कितना सही?
एग्जिट पोल के बाद काफी हद तक किसी चुनाव की तस्वीर निकलकर सामने आ जाती है, क्योंकि इसका प्रसारण सभी चरणों के मतदान खत्म होने के बाद किया जाता है. कई बार एग्जिट पोल काफी हद तक सटीक बैठा और जितनी सीटें पार्टी को दी गई करीब-करीब उतनी सीटें उन्हें मिली भी. लेकिन, कई बार ऐसा भी हुआ जब एग्जिट पोल कोरी बकवास साबित हुआ, जिसके बाद चौतरफा ऐसे एग्जिट पोल पर सवाल उठने लगे.

पांचों राज्य के विधानसभा चुनाव में कड़ा मुकाबला
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा, सपा-कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के बीच है. जबकि, 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है. पिछली बार यहां पर मामूली अंतर से कांग्रेस की सरकार बनी थी. लेकिन इस बार कांग्रेस के लिए उसे दोहराना शायद आसान न हो. पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में मुख्य मुकाबला अकाली-बीजेपी गठबंधन, कांग्रेस और पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी के बीच है.

गोवा-मणिपुर में भी दिलचस्प है मुकाबला
भाजपा शासित 40 सदस्यीय गोवा में इस बार के नतीजे इसलिए दिलचस्प हैं, क्योंकि यहां के चुनाव में भी पहली बार आम आदमी पार्टी अपनी किस्मत आजमा रही है. जबकि, 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में कांग्रेस के ओकराम इबोबी सरकार को बीजेपी और इरोम शर्मिला से कड़ी टक्कर मिली है.