उत्तराखंड विधानसभा चुनाव : 60 हजार से ज्यादा पोस्टल बैलेट पहुंचे, कांग्रेस-बीजेपी चिंतित

उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों में अभी तक निर्वाचन आयोग को 20,720 सर्विस वोट प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 16776 वोट अपने पतों तक नहीं पहुंच पाए हैं. सर्विस वोटरों का यह आंकड़ा वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनावों से थोड़ा ही कम है.

हालांकि, माना जा रहा है कि यह संख्या 2012 विधानसभा चुनावों में हुए वोटों के निकट पहुंच जाएगी. वहीं, कुल पोस्टल बैलेट की संख्या 60 हजार से अधिक पहुंच चुकी है. इसमें शेष 40 हजार वोटर चुनाव में तैनात कर्मचारियों के हैं.

उत्‍तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में उत्तराखंड में पोस्टल व सर्विस वोटरों को लेकर बीजेपी व कांग्रेस की अपनी-अपनी शंका है. कांग्रेस पोस्टल बैलेट को लेकर कुछ ज्यादा आशंकित है. कांग्रेस को शक है कि ये पोस्टल बैलेट चुनाव का गणित बिगाड़ सकते हैं. ऐसे में इनकी गिनती के दौरान विशेष सतर्कता बरते जाने की जरूरत है. वहीं, बीजेपी सर्विस वोटरों की कम संख्या को लेकर चिंतित है.

देखा जाए तो मौजूदा चुनावों में कांटे की टक्कर मानी जा रही है. ऐसे में पोस्टल बैलेट अहम भूमिका निभाएंगे. कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां हार-जीत का आंकड़ा केवल कुछ सौ वोटों पर सिमट सकता है. यही कारण है कि दोनों दलों की इन्हें लेकर अपनी अपनी चिंता है.

चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में अभी तक 61607 पोस्टल बैलेट आ चुके हैं. इनमें 40875 पोस्टल बैलेट चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के हैं, जबकि 20272 पोस्टल बैलेट सर्विस वोटर यानी सैनिकों के हैं.

2012 में कुल 36,103 पोस्टल बैलेट पड़े थे. इनमें से 23303 सर्विस वोट व 12800 पोलिंग कार्मिकों के थे. वहीं 2014 के लोकसभा चुनावों में कुल 18490 पोस्टल बैलेट वापस आए थे.