“शव लेने से इंकार करने वाले सैफुल्ला के पिता पर गर्व है” – राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने सदन में सैफुल्ला के पिता मोहम्मत सरताज के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जो देश का न हुआ वह मेरा कैसे हो सकता है. उसने कोई सही काम तो किया नहीं. मुझे उसका मुंह नहीं देखना. सैफुल्ला ने मुझे शर्मिदा कर दिया. हर किसी के लिए देश पहले है, लेकिन सैफुल्ला के लिए नहीं. जो देश का नहीं, वह मेरा क्या होगा.

राजनाथ सिंह गुरुवार को संसद में लखनऊ एनकाउंटर और एमपी ट्रेन ब्लास्ट पर बयान दिया. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच एनआईए करेगी. वहीं उन्होंने लखनऊ में मारे गए सैफुल्लाह के पिता के बयान का हवाला भी दिया . उन्होंने कहा कि देश को उन पर नाज है. बता दें कि सैफुल्लाह के पिता सरताज ने अपने बेटे की लाश लेने से मना करा दिया. उन्होंने कहा कि जो देश का नहीं हुआ वो मेरा क्या होगा. आज पूरा सदन सैफुल्ला के पिता के साथ खड़ा है.

मैं और पूरा सदन सैफुल्ला के पिता के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं. बेटे की देशद्रोही हरकतों की उन्हें अपने बेटे को खाना पड़ा. सरकार और पूरे सदन को मोहम्मद सरताज पर फख्र है.

वह अपने पिता के फैसले के साथ हैं कि वे उनका शव नहीं लेंगे. खालिद ने कहा कि मैंने फोन पर भाई को सरेंडर करने के लिए बोला, बहुत कोशिश की, प्रार्थन की लेकिन अंदर से कोई रिस्पांस नहीं आया.

खालिद ने बताया कि मुझे कभी उस पर शक नहीं हुआ. हम लोग नॉर्मल इंटरनेट का इस्तेमाल करते थे. हम अपने पापा के फैसले के साथ हैं. जिस परिस्थिति में सैफुल्ला पाए गए हैं उस हिसाब से हमें लगा कि इनका कुछ न कुछ मैटर होगा. हम खुद सोच में हैं कि दो ढाई महीने में किसने भाई का माइंड वॉश कर दिया.