इस बार चारधाम यात्रा पर जरूर आएं, ये खबर पढ़ लेंगे तो अचानक मुसीबत में नहीं पड़ेंगे

चार धाम यात्रा

साल 2013 में आयी केदारनाथ आपदा के बाद साल 2016 में रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु चारधाम पहुंचे थे. अगर आप इस साल चारधाम यात्रा पर आने का मन बना रहे हैं तो यह खबर खासतौर पर आपके ल‌िए है.

जी हां चारधाम यात्रा पर आने से पहले अगर आपको बुक‌िंग करनी है तो यह सबसे उपयुक्त समय है. अगर अभी से बुक‌िंग नहीं की तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

बता दें कि ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा का समय बिल्कुल करीब आ गया है. इस बार यात्रा को लेकर जो संकेत मिल रहे हैं, वे बेहद अच्छे हैं. यात्रा के पक्ष में अनुकूल स्थितियां दिखाई दे रही है.। बद्रीनाथ और केदारनाथ में पूजा के तयशुदा रेट बढ़ने हैं, लेकिन इसके बावजूद यात्री अग्रिम बुकिंग के प्रति उत्साह दिखा रहे हैं.

यह भी बता दें कि इस साल यात्रा की शुरुआत बहुत सही समय पर हो रही है. 28 अप्रैल का ये वो समय है, जब स्कूल-कॉलेजों में ग्रीष्मकालीन छुट्टियां घोषित हो जाती हैं. कुल मिलाकर स्थिति अनुकूल हैं, अब बस देखना यह है कि सफल यात्रा के लिए सफल इंतजाम कहां तक पूरे हो पाते हैं.

राज्य में हाल में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं और शनिवार 11 मार्च को नई सरकार की तस्वीर भी साफ हो जाएगी. अब नई सरकार के ऊपर भी ये दारोमदार होगा कि वह यात्रा की अपनी पहली परीक्षा में किस तरह का प्रदर्शन करती है.

बद्रीनाथ और केदारनाथ की हैली सेवा मंदिर की पूजा से होने वाली आमदनी को बढ़ा रही है. पिछले साल बद्रीनाथ में पूजा से कुल आमदनी तीन करोड़ 32 लाख आठ हजार 210 रुपये हुई थी. केदारनाथ में 47 लाख 41 हजार 461 रुपये की आमदनी पूजा से हुई.

केदारनाथ की हैली सेवा के किराये में अनिवार्य रूप से वीवीआईपी दर्शन के 1100 रुपये जोड़े जाते हैं, हालांकि बद्रीनाथ के संबंध में ये अनिवार्यता नहीं है. समिति के सूत्रों के अनुसार, पिछले साल हैली सेवा की वजह से एक करोड़ से ज्यादा पूजा का राजस्व बढ़ा है.

बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में पूजा के रेट इस बार बढ़ने तय माने जा रहे हैं. ये रेट हर चार साल में बढ़ते हैं. इस हिसाब से इन्हें 2014 में बढ़ जाना चाहिए था, लेकिन केदारनाथ आपदा के बाद उपजी स्थिति में कोई फैसला नहीं किया गया. अब अप्रैल में बोर्ड बैठक में पूजा के रेट तय किए जाने हैं. लेकिन चार धाम में आस्था रखने वाले देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को इससे कोई मतलब नहीं है.

वह समिति के कार्यालय में जोर-शोर से बुकिंग करा रहे हैं. अभी तक दोनों जगहों के लिए करीब 700 की बुकिंग हो चुकी है. इसमें 50 बुकिंग ऑनलाइन की गई हैं. श्रद्धालु बुकिंग कराते वक्त कह रहे हैं कि भले ही रेट कितने बढ़ जाएं, उनकी बुकिंग कर दीजिए. बद्रीनाथ में सबसे महत्वपूर्ण महाभिषेक पूजा के मौजूदा रेट 8101 है, जबकि केदारनाथ में रुद्राभिषेक पूजा का मौजूदा रेट 5300 रुपये है.

चार धाम यात्रा ये है स्थिति

  • 28 अप्रैल को खुलेंगे यमुनोत्री-गंगोत्री के कपाट
  • 03 मई को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे
  • 04 मई को बद्रीविशाल के पवित्र धाम बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे
  • साल 2016 में बद्रीनाथ धाम में 624743 यात्री आए थे
  • पिछले साल बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए 309746 यात्री आए थे
  • साल 2016 में गंगोत्री धाम में 287679 यात्रियों ने किए थे दर्शन
  • पिछली बार यमुत्रोत्री में 16563 यात्री आए थे

गढ़वाल मंडल आयुक्त विनोद शर्मा का कहना है, निश्चित तौर पर चार धाम यात्रा के लिए इस बार बेहतर स्थिति है. सारे इंतजाम समय से पूरे करने के लिए विभागों को निर्देश दिए गए हैं. सड़कें दुरुस्त करने से लेकर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने पर पूरा जोर है. एक समीक्षा बैठक हो चुकी है. 15 से 20 मार्च के बीच फिर से समीक्षा की जाएगी. यात्रियों को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी.