मिड डे मील और अन्य सब्सिडी योजनाओं के लाभ के लिए’ आधार’ की अनिवार्यता खत्म सरकार ने लिया यू-टर्न

पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छात्रवृत्तियों और मिड डे मील आदि के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की घोषणा की थी , विभिन्न विपक्षी दलों ने इस पर आपत्ति जताई थी.

इसके बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि किसी को भी आधार संख्या के अभाव में सब्सिडी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जाएगा और अन्य पहचान प्रमाण पत्र स्वीकार किए जाएंगे.मिड डे मील के लिए आधार कार्ड को जरूरी बनाने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया था. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे वापस लेने की मांग की. ममता बनर्जी ने इस फैसले को काफी चौंकाने वाला बताया. उनकी पार्टी ने कहा था कि टीएमसी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि किसी को भी आधार नहीं होने के कारण लाभ से वंचित नहीं रखा जाएगा. जब तक किसी व्यक्ति को आधार संख्या नहीं मुहैया करा दी जाती, पहचान के वैकल्पिक तरीकों से उसे लाभ जारी रहेंगे.
इसमें कहा गया है कि मिड डे मील के मामले में और एकीकृत बाल विकास योजना के तहत स्कूल और आंगनबाड़ियों को कहा गया है कि वे लाभार्थियों की आधार संख्या एकत्र करें तथा अगर किसी बच्चे के पास आधार संख्या नहीं है तो अधिकारियों को नामांकन सुविधा मुहैया कराने की जरूरत होगी तथा उस समय तक लाभ जारी रहेंगे.

सरकार ने जोर दिया कि पिछले ढाई साल में कुछ योजनाओं में आधार संख्या की बदौलत गड़बड़ी रुकने के बाद 49,000 करोड रुपये की बचत हुई है. इसमें कहा गया है कि आधार लोगों की अधिकारिता, सुशासन और व्यापक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है