एमएस धोनी हमेशा DRS का विरोध क्यों करते रहे? ये रहा ऑस्ट्रेलिया की बेईमानी का सुबूत

डीसीजन रिव्यू सिस्टम जी हां, अंपायर के निर्णय से नाखुश होने पर खिलाड़ी इस हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने लंबे समय तक इसे टीम इंडिया के मैचों में इस्तेमाल करने नहीं दिया. उस समय धोनी के निर्णय को लेकर उनकी आलोचना भी होती थी, लेकिन बेंगलुरू में डीआरएस का इस तरह से दुरुपयोग सामने आया उससे धोनी का निर्णय सही लगता है.

पहले बात करते हैं भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बेंगलुरू में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की, जिस भारत ने 75 रनों से चौथे ही दिन जीत लिया. बेंगलुरू टेस्ट के चौथे दिन जब टीम इंडिया 274 रन पर सिमट गई और ऑस्ट्रेलिया के सामने लिए जीत के 188 रन की चुनौती रखी, उस समय टीम इंडिया को जीत दिलाने का पूरा दारोमदार भारतीय गेंदबाज़ों पर था. इस जिम्मेदारी को टीम इंडिया के गेंदबाज़ों ने बखूबी निभाया और टीम इंडिया को बेंगलुरू में 75 रन से जीत दिला दी.

ऑस्ट्रेलियाई टीम धीरे-धीरे लक्ष्य के करीब पहुंच रही थी, हालांकि टीम इंडिया को पहले रेनशॉ और फिर वॉर्नर का विकेट मिला तो भारतीय खेमे में जीत के कुछ अरमान जगे. लेकिन एक छोर को ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने मजबूती से थामा हुआ था. वो बेंगलुरू की मुश्किल विकेट पर भी तेज़ी से रन बटोरते जा रहे थे.

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 3 विकेट पर 74 रन पहुंच चुका था. मेहमान टीम को जीत के लिए 94 रन की जरूरत थी. लेकिन तभी उमेश यादव ने एक ऐसी गेंद फेंकी जिसने मैच का पासा पलट कर रख दिया. स्टीव स्मिथ जब 28 रन पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे तो उमेश यादव की एक गेंद नीची रही और उनके पैड पर जा लगी. भारतीय टीम ने अपील की और अंपायर ने स्मिथ को एलबीड्ब्ल्यू आउट दे दिया. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने ड्रेसिंग रूम की तरफ देखा और वहां से पूछने लगे कि उन्हें रिव्यू लेना चाहिए या नहीं. जो कि क्रिकेट के नियमों के खिलाफ है.

स्मिथ की इस हरकत पर टीम इंडिया के खिलाडी गुस्से में दिखे. गुस्से में तमतमाए कोहली और स्टीव स्मिथ के बीच कुछ गहमागहमी हुई, लेकिन अंपायरों ने बीच बचाव कर स्मिथ को समझाया कि वो ऐसा नहीं कर सकते. इसके बाद अंपायरों ने स्मिथ को आउट करार दिया. स्मिथ ने 48 गेंदों का सामंना कर 28 रन की पारी खेली.

देखें कंगारुओं की बेईमानी का वीडियो…

(वीडियो साभार- बीसीसीआइ)

इस गहमागहमी के बाद भारतीय खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ और पूरी सीरीज़ में बैकफुट पर दिख रही टीम इंडिया ने टेस्ट की नंबर वन टीम की तरह प्रदर्शन किया. टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों ने जैसे ऑस्ट्रेलिया को इस मैच में सबक सिखाने की ठान ली थी. साहा ने वेड का बेहतरीन कैच लेकर इसका नमूना पेश किया तो वहीं अश्विन ने कंगारुओं पर अपनी फिरकी का ऐसा फंदा कस दिया कि एक के बाद एक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ उसमें फंसते चले गए.

उमेश यादव की इस गेंद ने टीम इंडिया में ऐसा जोश भर दिया, जिसने कंगारुओं के होश उड़ा दिए और आखिर तक उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं मिला.