11 मार्च को होगा उम्मीदवारों की किस्मत का फ़ैसला । उत्तराखंड में 15 केंद्रों पर होगी मतगणना

निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मतगणना के लिए तैयारियों को हर हाल में मंगलवार शाम तक पूरा किए जाए जिसके लिए राज्य में कुल 15 मतगणना केंद्र बनाए गए है. इसके लिए निर्वाचन मशीनरी ने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं. भारतीय निर्वाचन आयोग ने तमाम राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की मांगों को देखते हुए मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए थे.

उत्तराखंड में देश के चार अन्य राज्यों के साथ 11 मार्च को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी जो अंतिम परिणाम आने तक जारी रहेगी. 2017 में राज्य में 69 सीटों पर 15 फरवरी को मतदान हुआ था, जबकि एक सीट पर नौ मार्च को मतदान होगा,सभी 70 सीटों के परिणाम 11 मार्च को घोषित किए जाएंगे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की मानें तो सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में पूर्व में ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं.

शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतगणना के लिए आयोग के निर्देशों के पालन के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और सहायक निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मतगणना केंद्र पर मतगणना एजेंटों और मतगणना कर्मियों को अलग रखने और ईवीएम की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की जाए और कंटीले तारों का घेरा बनाया जाए.

किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए मतगणना केंद्रों पर पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी. यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्ट्रांग रूम से मतगणना हॉल तक बनाई जाने वाली बैरिकेडिंग ऐसी होनी चाहिए कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम संबंधित मतगणना टेबल तक आसानी से पहुंचे.

साथ ही ईवीएम ले जाने वाले कर्मियों की पहचान के लिए उन्हें रंगीन बैज देने की व्यवस्था भी की जाए.आज शाम तक तमाम व्यवस्थाएं की जानी हैं. इसके बाद बुधवार को आयोग के पर्यवेक्षक मतगणना केंद्रों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करने जाएगे.

भारत निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के लिहाज से मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की हिदायत दी है.आयोग ने तमाम तैयारियों की निगरानी के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं.

मतगणना के लिए की गई व्यवस्थाओं से राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों को अवगत कराने का जिम्मा जिला निर्वाचन अधिकारियों का होगा. मतगणना केंद्रों में असामाजिक तत्वों और हथियारों के प्रवेश को रोकने के लिए पुलिस से प्रभावी व्यवस्था की उम्मीद भी आयोग ने की है.