गुरमेहर और वीरेंद्र सहवाग के नाम आरजे नावेद का खूबसूरत संदेश, देखें…

रेडियो मिर्ची पर आरजे नावेद तमाम लोगों को मिर्ची मुर्गा बनाते हैं। हाल में दिल्ली के रामजस कॉलेज में हुए विवाद और उस पर गुरमेहर कौर के सोशल मीडिया पर कैंपेन को लेकर मचे बवाल पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.

ताजा प्रतिक्रिया मजाकिया प्रैंक्‍स करने के लिए मशहूर रेडियो जॉकी नावेद की ओर से आई है. उन्होंने गुरमेहर कौर और वीरेंद्र सहवाग दोनों के नाम एक बहुत ही खूबसूरत मैसेज दिया है.

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले इस मामले पर ट्वीट करके क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग विवादों में फंस गए थे. सहवाग ने ट्विटर पर एक तस्वीर साझा की थी. इस तस्वीर पर लिखा था, ‘दो तिहरे शतक मैंने नहीं, मेरे बल्ले ने बनाए.’

सहवाग की तस्वीर की तुलना करगिल युद्ध में शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी और दिल्ली विश्वविद्यालय की लेडी श्रीराम कॉलज की छात्रा गुरमेहर कौर की उस तस्वीर से की गई, जिसमें गुरमेहर ने लिखा था, ‘पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा, युद्ध ने उन्हें मारा.’

इस मुद्दे पर रणदीप हुड्डा, योगेश्वर दत्त सहित कई हस्तियों ने अपनी राय जाहिर की थी. अब जब हर कोई इस मसले पर राय दे रहा है कि कौन सही है और कौन गलत, तो रेडियो मिर्ची से जुड़े आरजे ने एक अलग रुख अपनाया है.

यूट्यूब पर 2 मार्च को पोस्ट किए गए आरजे नावेद के इस वीडियो को साढ़े 6 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. वीडियो में आरजे नावेद एक प्लेकार्ड हाथ में लिए नजर आ रहे हैं जिस पर लिखा है – ‘डियर गुरमेहर कौर और वीरेंद्र सहवाग… मैं आप दोनों से कुछ कहना चाहता हूं’. अगले प्लेकार्ड्स दिखाते हुए वह कहते हैं कि उनका संदेश ‘राष्ट्रवादियों’ और ‘राष्ट्र विरोधी’ दोनों लोगों के लिए भी है. अगले प्लेकार्ड्स में वह कहते हैं कि उनका मैसेज उन लोगों के भी नाम है जिनको पाकिस्तान चले जाना चाहिए.

इसके बाद वह कहते हैं कि लोगों को अपनी बात कहने के लिए कागज को बर्बाद नहीं करना चाहिए. वह कहते हैं- ‘सेव पेपर’..अगर कागज बचेंगे तो पेड़ बचेंगे, पेड़ बचेंगे तो इंसान बचेगा और इंसान बचेगा तब ही राष्ट्रवादी और राष्ट्र विरोधी जिंदा रहेंगे. आपस में लड़ें नहीं, एक-दूसरे से मोहब्बत करिए. आराम से एक-दूसरे को अपनी बात समझाइए.’

आखिर में वह अपनी बात को खत्म करते हुए यह बताना भी नहीं भूलते कि उन्होंने अपनी बात कहने के लिए कागज को बर्बाद नहीं किया है बल्कि वह यूज्ड पेपर्स थे.