देहरादून : राजभवन में आज दो दिवसीय वसंतोत्सव का आगाज, खूबसूरत फूलों के दर्शन होंगे यहां

उत्तराखंड राजभवन में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वसंतोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने राजभवन परिसर में वृक्षारोपण से की. हालांकि, चार और पांच मार्च को होने वाले दो दिवसीय वसंतोत्सव का औपचारिक उद्घाटन राज्यपाल शनिवार को करेंगे.

अस्थायी राजधानी देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पुष्प प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल पुष्पों का प्रदर्शन नहीं बल्कि यह जागरुकता फैलाना भी है कि फूलों द्वारा किस प्रकार आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है.

इस साल आयोजित होने वाले ‘वसन्तोत्सव’ में राजभवन उद्यान शाखा व उत्तरखंड उद्यान विभाग के प्रयासों से राजभवन में लगाए गए विभिन्न प्रकार के फूलों के साथ-साथ वर्टिकल गार्डन, हर्बल गार्डन, एरोमैटिक गार्डन, स्पाइस गार्डन मशरूम व ताजे पुष्प, रंगोली, हैंगिंग पॉट्स, स्कूल चिल्ड्रन पेंटिंग प्रतियोगिता, कट फ्लावर, लूज फ्लावर प्रबंधन, फूलों के पॉटेड प्लान्ट्स आदि विशेष आकर्षण होंगे.

उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव का उद्देश्य मुख्य रूप से प्रदेश की जनता को फूलों की पैदावार द्वारा आर्थिक प्रगति तथा दैनिक प्रयोग में आने वाली हरी सब्जी व मसालों को कम लागत व कम से कम स्थान में उगाने की संभावनाओं के प्रति जागरुक व प्रोत्साहित करना है.

पाल ने कहा कि आज बाजारों में मिलने वाले अधिकांश फल, सब्जी व मसालों में कैमिकल की मिलावट होती है जिनसे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है. यह आयोजन हर किसी को अपने घरों में बनी छोटी क्यारियों व दीवारों के सहारे शुद्व फल व सब्जियों को उगाने के लिए प्रेरित करेगा. इसके अलावा, जिनके पास पर्याप्त जगह हो वह इसे आजीविका से भी जोड़ सकते है.

शनिवार को राज्यपाल द्वारा डाक तार विभाग का टिकट जारी किया जाएगा, जिस पर उत्तराखंड की विशेष प्रजाति की ‘बद्री तुलसी’ के चित्र को दर्शाया जाएगा. राज्यपाल ने बताया कि अधिक से अधिक जनमानस की वसन्तोत्सव में प्रतिभागिता सुनिश्चित करने के लिए देहरादून के मल्टीप्लैक्स व सिनेमा घरों में पांच मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदशन जिला प्रशासन देहरादून के माध्यम से किया गया है.

उद्यान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य गठन के समय मात्र 150 हैक्टेयर में फूलों की खेती होती थी, जो अब 1400 हैक्टेयर तक विस्तृत हो चुकी है.