जीडीपी के आंकड़ों ने हार्वर्ड और हार्ड वर्क वालों की सोच का फर्क बताया : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के बाद आए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) संबंधी आंकड़ों को विरोधियों के दुष्प्रचार का करारा जवाब बताते हुए बुधवार को कहा कि देश के ईमानदार लोगों, किसानों और नौजवानों ने जीडीपी में सुधार के जरिए ‘हार्वर्ड विश्वविद्यालय और हार्ड वर्क (कठिन परिश्रम)’ वालों की सोच के बीच फर्क जाहिर कर दिया है.

पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित रैली में कहा कि नोटबंदी के बाद विपक्ष के लोगों ने आर्थिक विकास चौपट होने और देश के पिछड़ने का दुष्प्रचार किया था. हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालयों के बड़े-बड़े विद्वानों ने नोटबंदी के कारण जीडीपी में दो से चार प्रतिशत की गिरावट का दावा किया था, लेकिन मंगलवार को आए जीडीपी के आंकड़ों ने साबित कर दिया है कि ‘हार्वर्ड और हार्ड वर्क’ में कितना फर्क है.

उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘एक ओर हार्वर्ड के विद्वान हैं और दूसरी ओर एक गरीब मां का बेटा है जो हार्ड वर्क से देश की अर्थनीति बदलने में लगा हुआ है. देश के ईमानदारों ने दिखा दिया है कि हार्वर्ड से ज्यादा दम हार्ड वर्क में है.’ मालूम हो कि नोबेल पुरस्कार प्राप्त अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम की कड़ी आलोचना की थी.

मोदी ने कहा कि उनके विरोधियों ने जीडीपी के ताजा आंकड़ों पर सवाल खड़े किए हैं. वे अब कह रहे हैं कि आंकड़े कहां से आए.

उन्होंने सपा और बसपा समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मैं देशभर में स्वच्छता अभियान चला रहा हूं लेकिन उत्तर प्रदेश ने तो इस अभियान को एक नया आयाम दे दिया है. जनता ने राज्य की राजनीति से सारी गंदगी हटाने का फैसला कर लिया है. जनता ने पहले पांच चरणों में बीजेपी को विजय दिला दी है. छठे और सातवें चरण में बस बोनस देना है.’

उन्होंने कहा कि अब चर्चा यह है कि बीजेपी दो तिहाई बहुमत लाएगी कि तीन चौथाई बहुमत लाएगी. अब बुआ (बीएसपी मुखिया मायावती) भी गयी, भतीजा (मुख्यमंत्री अखिलेश यादव) भी गया और भतीजे का नया दोस्त (कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी) भी गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अखिलेश और राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश सरकार को सैफई की चिंता है. उसका मानना है कि सैफई का विकास हो गया तो सबका विकास हो गया. एक (अखिलेश) को कुनबे में रस मिलता है तो दूसरे (राहुल) को हाथ की सफाई में रस मिलता है. पीएम मोदी ने कहा कि अखिलेश ने आयोग बनाकर मायावती के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच करने और उन्हें जेल में डालने को कहा था, लेकिन आज ‘बहनजी’ मौज कर रही हैं. बहनजी के समय में जो लोग बेईमानी करते थे, उनको अखिलेश ने पदोन्नति देकर बैठा दिया. इन दोनों की मिलीभगत है. दोनों का तय है कि करेंगे वही जो हमारी तिजोरी भरें. अगर उत्तर प्रदेश का भाग्य बदलना है तो सपा, बसपा, कांग्रेस तिकड़ी को बाहर निकालना होगा.

उन्होंने बीजेपी में भितरघात करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, ‘इस चुनाव में दागी भी नहीं चलना चाहिए, बागी भी नहीं चलना चाहिए. कुछ बागी मोदी की फोटो लगा लेते हैं और कहते हैं कि मैं तो मोदी के साथ हूं, मगर मोदी के साथ सिर्फ कमल है, आप कमल को जानिए. मोदी के साथ अपना दल है, उसे जानिए, अनुप्रिया पटेल को जानिए.’ मोदी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमला करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट खुद इस सूबे की बदहाली को बयान करती है. राज्य सरकार की वेबसाइट खुद कहती है कि अखिलेश का काम नहीं कारनामे बोल रहे हैं.

उन्होंने दावा किया ‘वेबसाइट में बताया गया है कि लाइफ इन उत्तर प्रदेश इज शार्ट एण्ड अनसर्टेन. यानी यूपी में जिंदगी बहुत छोटी होती है और कब मर जाएं, कोई भरोसा नहीं. आगे कहते हैं कि इन दिस रिस्पेक्ट, यूपी रिजेम्बल्स सहारन अफ्रीका. यानी यूपी की हालत अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान जैसी है. अखिलेश जी क्या अब हम आपकी ही ना मानें. मुझे मालूम है कि मेरा भाषण खत्म होते ही अफसरों पर गाज गिरेगी.’ कांग्रेस-सपा गठबंधन पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि इनमें से एक की विशेषज्ञता पूरे देश को जबकि दूसरे की विशेषज्ञता उत्तर प्रदेश को बरबाद करने की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए कहा, ‘कांग्रेस के एक नेता बड़े कमाल के हैं. वह कल मणिपुर गए थे. उन्होंने कल वहां किसानों के लिए बड़ी घोषणा की. कहा कि अब वह मणिपुर से नारियल का जूस निकालकर इंग्लैंड में बेचेंगे. गरीब से गरीब बच्चे को भी पता होगा कि नारियल का तो पानी होता है, जूस नहीं. नारियल केरल में होता है और वह कहते हैं कि मणिपुर में नारियल का जूस निकलेगा. अब कांग्रेस के पास ऐसे नये होनहार लोग हैं. बताइये, इनसे आपको कौन बचाएगा.’ मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 30 लाख परिवार ऐसे हैं, जिनके पास घर नहीं है. जब केन्द्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को चिमहामेधी लिखकर उन परिवारों सूची मांगी तो उसमें से महज 11 हजार की फेहरिस्त दी गई. सोचिये उसमें किन लोगों के नाम होंगे. गरीब को घर ना देने वाली यह सरकार जानी (हटनी) चाहिए कि नहीं? उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को 24 घंटे बिजली देने के लिए करीब 18 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया, लेकिन राज्य सरकार केन्द्र के पैसों का भी खर्च नहीं कर पाई.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिये शांति और सुरक्षा चाहिए. सूबे में सूरज ढलने के बाद कोई भी बहन बेटी घर से बाहर नहीं जा सकती. जमीनों और घरों पर जबरन कब्जे किए जा रहे हैं. थानों को समाजवादियों का कार्यालय बना दिया गया है. थाने में पुलिसवाला शिकायत दर्ज नहीं कर पाता, जब तक पैसों का खेल ना हो जाए और समाजवादी की रजामंदी ना मिल जाए. यह सब बंद करना है.

पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने देश के पश्चिमी राज्यों की तरह पूरब के प्रदेशों का भी विकास करने का बीड़ा उठाया है. गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, राजस्थान, केरल, दिल्ली, हरियाणा में विकास होता रहे, लेकिन भारत की पूरब पट्टी का विकास नहीं होगा तो क्या हिन्दुस्तान का स्वस्थ और संतुलित विकास माना जाएगा, इसलिए मैंने बीड़ा उठाया है, पूर्वी भारत का भी वैसा ही विकास होना चाहिए, जैसा आज पश्चिम भारत में दिखाई देता है.