अब आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को हर साल देनी होगी ऑनलाइन परफॉर्मेस रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सरकारी कामकाज में पारदर्शिता की वकालत करते रहे हैं. केंद्र की योजना सफल रही तो आइएएस, आइपीएस समेत अखिल भारतीय सेवा के तहत आने वाले अधिकारियों को ऑनलाइन परफॉर्मेस रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य हो सकता है. वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट देने में देरी और पक्षपात के आरोपों से बचने की कवायद के तहत यह कदम उठाया गया है. कार्मिक विभाग ने इसका मसौदा तैयार किया है.

मसौदे के मुताबिक, अधिकारियों को केंद्र द्वारा तय नियमों के अनुसार खुद ही अपना परफॉर्मेस अप्रेजल रिपोर्ट तैयार करना होगा. रिपोर्टिग अधिकारी द्वारा इसकी समीक्षा और टिप्पणी भी ऑनलाइन ही की जाएगी. मंजूरी मिलने पर यह भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों पर लागू होगा. कार्मिक विभाग ने नौकरशाहों के लिए सालाना परफॉर्मेस अप्रेजल रिपोर्ट (एपीएआर) भरने की समयसीमा भी तय कर दी है. अब हर साल 15 जनवरी तक रिपोर्ट दाखिल करना होगा. अधिकारियों द्वारा आमतौर पर अप्रेजल रिपोर्ट में गड़बड़ी कर उनके कॅरियर को प्रभावित करने का आरोप लगाया जाता है.

कार्मिक विभाग ने सभी राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर प्रस्ताव पर राय मांगी है. टिप्पणी देने की अंतिम तारीख 15 मार्च है. विभाग के मुताबिक, निर्धारित अवधि के अंदर जवाब नहीं मिलने पर यह मान लिया जाएगा कि नए प्रावधान पर राज्यों को काई आपत्ति नहीं .इसके अलावा आइपीएस के लिए गृह मंत्रालय और वन सेवा के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से भी सेवा नियमावली में बदलाव पर विचार मांगे गए