नीतीश के मंत्री ने पीएम मोदी के खिलाफ की अभद्र बातें, तस्वीर पर जूते-चप्पल भी मारे गए

बिहार के एक मंत्री का एक वीडियो सामने आने से एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है. नोटबंदी के विरोध में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस मंत्री ने तब विवाद पैदा कर दिया, जब उसने वहां इकट्ठा भीड से नोटबंदी के फैसले का विरोध करने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर जूते मारने को कहा.

एक टीवी चैनल पर उक्त वीडियो को दिखाए जाने से नाराज बीजेपी ने कहा कि वह बुधवार को इस मामले को बिहार विधानमंडल में उठाते हुए उक्त मंत्री को बर्खास्त किए जाने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग करेगी.

गत 22 फरवरी के उक्त वीडियो नोटबंदी को लेकर विरोध दर्ज करने के लिए मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री जलील मस्तान के पूर्णिया जिला स्थित अमौर विधानसभा क्षेत्र का है.

वीडियो में मस्तान को भीड से कहते हुए सुना गया कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर वह 50 दिनों में लोगों की कठिनाई को खत्म नहीं कर पाएंगे तो वह कोई भी सजा पाने को तैयार हैं. मंत्री ने मंच पर रखी एक कुर्सी पर प्रधानमंत्री की तस्वीर रखवाई थी.

वीडियो में मस्तान को लोगों से यह कहते हुए दिखाया गया है कि वह प्रधानमंत्री की तस्वीर पर जूते मारें. मंत्री के मंच पर मौजूद रहने के दौरान ही कुछ उत्साहित कार्यकर्ताओं ने बिना समय गवाएं प्रधानमंत्री की तस्वीर पर जूते-चप्पल मारे.

मंत्री की इस हरकत से आक्रोशित बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बुधवार को इसे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में उठाते हुए मस्तान को तुरंत बर्खास्त किए जाने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की जाएगी.

सुशील मोदी ने कहा कि किसी से विचारधारा का विरोध हो सकता है. संविधान किसी भी व्यक्ति जो एक राज्य में एक मंत्री है, को प्रधानमंत्री को इस प्रकार से अपमानित करने के लिए भीड को उकसाने के लिए अनुमति नहीं देता है.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि हालांकि उन्होंने उक्त वीडियो को नहीं देखा है पर सार्वजनिक जीवन में भाषा पर नियंत्रण होना चाहिए.