उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटों में इजाफा, HRD ने शुरू की कवायद

डॉक्टर बनने का सपना देख रहे पहाड़ के युवाओं के लिए खुशखबरी है. यदि सब ठीक रहा तो आने वाले दिनों में राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों में इजाफा होगा. हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या 100 से बढ़कर 150 होने वाली है.

उत्तराखंड में डॉक्टरों की भारी कमी है. राज्य के 995 सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 2711 स्वीकृत पदों में 1615 खाली पड़े हैं. यदि इनमें स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की गणना की जाए तो स्थिति और भी गंभीर है.

ऐसे में मानव संसाधन के लिहाज से नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना व स्थापित कॉलेजों को अधिक सुदृढ़ बनाने की कवायद चल रही है. हल्द्वानी व श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पीजी की सीटें बढ़ाने की तैयारी चल रही है. इतना ही नहीं सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एमबीबीएस की सीटें भी बढ़ने जा रही हैं.

राज्य में अभी तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं. इनमें हल्द्वानी व श्रीनगर में एमबीबीएस की 100-100 सीट हैं. दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं. इन सीटों में 85 प्रतिशत पर राज्य के जबकि बाकी पर अन्य राज्य के युवाओं को दाखिला मिलता है.

यदि सब ठीक रहा तो हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पचास सीट और बढ़ जाएंगी. बहरहाल कोटद्वार, भगवानपुर, पिथौरागढ़, रुद्रपुर व अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेजों की राह खुल चुकी है. इसके बाद डॉक्टर बनने के इच्छुक छात्रों को और भी कई अवसर मिलेंगे.

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के मुताबिक हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 सीट और बढ़ाने का प्रस्ताव है. इसके लिए केंद्र से भी 60 करोड़ का अनुदान स्वीकृत हो चुका है. सीट बढ़ने का फायदा राज्य के युवाओं को मिलेगा.

बता दें कि हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज को साल 2003 में मान्यता मिली थी. यह न सिर्फ राज्य का सबसे पुराना बल्कि अवस्थापना, संसाधन, फैकल्टी के लिहाज से मॉडल कॉलेज है. यहां विस्तार की भी भरपूर गुंजाइश है. ऐसे में इसे सीट बढ़ोत्तरी के लिए मुफीद माना गया है. जबकि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भूमि व कुछ तकनीकी पेंच भी आड़े आ रहे हैं.